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आलेख

29 नवम्बर पर विशेष

सरकार और प्रदेश दोनों का नया चेहरा आया सामने

भोपाल : रविवार, 27 नवंबर, 2011


अजय वर्मा

मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान सरकार के 6 वर्षों के दौेरान मध्यप्रदेश के व्यक्तित्व और छवि दोनों में नया निखार आया है। प्रदेश में सरकार का संस्कारित, आत्मीय, सेवाभावी और संवेदनशील व्यक्तित्व बना है। प्रदेश में सरकार हर गरीब व्यक्ति के सामाजिक उत्तरदायित्वों और सामुदायिक व्यवहार की आर्थिक जरूरतों में कंधे से कंधा मिला कर खड़ी रहती है। वहीं विकास चक्र को गतिशील बनाने में समाज भी सरकार के साथ कदम से कदम मिला कर चल रहा है। जन और तंत्र के इस ताल-मेल से प्रदेश की छवि में भी नया निखार आया है।

यह प्रदेश में हुए बदलावों से हुआ है। किसी समय बीमारू कहे जाने वाले राज्य ने ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना में आर्थिक विकास में राष्ट्रीय औसत से अधिक की वृद्धि दर अर्जित की है। आर्थिक विकास की यह 10.06 प्रतिशत की दर आश्चर्य जनक ही कही जायेगी क्योकि आज से पाँच वर्ष पूर्व जब प्रदेश के आर्थिक विकास की दर के लक्ष्य निर्धारण पर विचार-विमर्श हो रहा था तब किसी नीति नियोजक को विकास की यह उच्च दर दिखाई नहीं दे रही थी। यही कारण था कि प्रदेश की ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना के लिये विकास दर का लक्ष्य 7.6 प्रतिशत तय किया गया। यह एक उपलब्धि ही मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान के नेतृत्व के करिश्मे को स्थापित करने के लिये पर्याप्त है।

मध्यप्रदेश की अग्रता आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है। राज्य की यह प्रगति अन्य क्षेत्रों में भी दिखाई दे रही है। पर्यटन एवं उद्योगों को बढ़ावा देने की बात हो या फिर खेलों को प्रोत्साहन का मामला हो अथवा ई-गवर्नेंस की कोशिशें हो, भ्रष्टाचार को नियंत्रित करने के नवाचार हो, बुनियादी सुविधाओं के विकास के काम अथवा सामाजिक क्षेत्र में सरकार की भागीदारी और मानव मूल्यों के प्रति उसके समर्पण की दृष्टि, इन सभी दिशाओं में प्रदेश की चमकदार छवि बनी है। अनेक अवसरों पर केंद्र सरकार और विश्व बैंक जैसी अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं ने पुरस्कार और सराहना के द्वारा इसे अभिव्यक्त भी किया है। कम्प्यूटर सोसायटी ऑफ इंडिया से प्रदेश को बेस्ट ई-गवर्नड स्टेट का दर्जा मिला है। सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को 34 पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। वर्ष 2009-10 में भारत सरकार द्वारा कुल स्थापित छह गोल्डन आइकॉन पुरस्कार में से तीन मध्य प्रदेश को मिले है। एक वर्ष में देश के किसी भी राज्य को मिले पुरस्कारों में यह सर्वाधिक है। इसी प्रकार राष्ट्रीय टूरिज्म अवार्ड वर्ष 2009-10 में मध्यप्रदेश को सर्वश्रेष्ठ राज्य का पुरस्कार प्राप्त हुआ है। राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थल खजुराहो की नगर पालिका को सर्वश्रेष्ठ नागरिक सेवाओं के प्रबंधन वाले स्थल का पुरस्कार भी मिला है। वर्ष 2010 के लिये राज्य को राष्ट्रपति ने 'राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार' से सम्मानित किया है। पुरस्कार में कहा गया है कि प्रदेश में विभिन्न खेलों में नई उर्जा भरने के प्रयासों से अन्य राज्यों को प्रेरणा लेनी चाहिये। खेल प्रोत्साहन प्रयासों में प्रदेश देश का आदर्श राज्य है। वहीं सामाजिक क्षेत्र में महिला सशक्तीकरण के प्रयासों और सामाजिक क्षेत्र में बजट का 38 प्रतिशत व्यय करने के लिये विश्व बैंक की प्रबंध संचालक ने भी मुख्यमंत्री श्री चौहान की भूरि-भूरि सराहना की है।

श्री शिवराज सिंह चौहान की सरकार के 6 वर्षों में प्रदेश का संस्कारित व्यक्तित्व निखरा है। "आओ बनाए अपना मध्यप्रदेश" अभियान ने प्रदेश में विकास की दौड़ में जिद, जुनून और जज्बे के साथ प्रयास करने की जन और तंत्र दोनों को नई दिशा दी है। मध्यप्रदेश गीत और गान ने एकजुटता का नया भाव बनाया है। नई सरकारी योजनाओं का निर्माण धर्म और जाति के भेदभावों से मुक्त होने और क्रियान्वयन में समभाव ने ऐसा वातावरण निर्मित किया हैै जिसमें प्रदेश के सभी क्षेत्रों और समाजों में विकास की नई ललक स्पष्ट दिखाई दे रही है। इस लालसा की विशिष्टता सरकार को सहयोग करने की भावना को मजबूती मिलना है।

प्रदेश में जनता और सरकार के संबंधों में भी बदलाव आया है। सरकार और आम जन के बीच की दूरियों में अभूतपूर्व कमी आयी है। सरकार का आत्मीय स्वरूप विकसित हुआ है। जहाँ एक ओर सरकार के निर्णयों, योजनाओं और कार्यक्रमों के नीति-नियोजन में जनता की भागीदारी बढ़ी है। वहीं दूसरी ओर जनता के उत्सवों और सामुदायिकता में सरकार की सहभागिता में प्रगाढ़ता आयी है। संभवत: पहली बार आमजन के साथ मिल कर उत्सवों को मनाने के लिये मुख्यमंत्री निवास के द्वार भी खुले हैं। वह भी बिना किसी भेद-भाव के क्योंकि जिस उत्साह से रोजा इफ्तार का आयोजन मुख्यमंत्री निवास पर होता है वैसा ही क्षमावाणी का कार्यक्रम भी होता है। हिन्दू हो, सिक्ख हो या क्रिश्चियन सभी के उत्सवों में प्रदेश की जनता का मुखिया जनता के उल्लास और उत्साह में शामिल होता है। उत्साह और उल्लास में मुखिया का जनता से सीधा संपर्क नीति नियोजन और विकास के विषयों पर गंभीर चर्चाओं में भी बना है। इन 6 सालों में महिला और किसान पंचायतों सहित 21 पंचायतों का आयोजन विभिन्न वर्गों के साथ मुख्यमंत्री निवास पर हुआ है। विचार-विमर्श से निकले प्रशासनिक निर्णय और निष्कर्षों के हितकारी परिणाम प्रदेश में सर्वत्र दिखायी दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान के नेतृत्व में सरकार के संवेदनशील स्वरूप में प्रखरता आयी है। राज्य सरकार आज पीड़ित मानवता की सेवा के लिये बिना किसी लाग लपेट के पूरी बेबाकी के साथ मदद के लिये तत्पर है फिर चाहें वह परिवार के सदस्य की बीमारी हो जन्म, विवाह अथवा शिक्षा-दीक्षा की बात हो। प्रदेश की सरकार ने जन्म से लेकर मृत्यु तक के अवसरों पर आर्थिक मदद की योजनाएँ संचालित की हैं। सरकार ने संवेदनशीलता के साथ शिक्षा के मार्ग की हर बाधा को दूर किया है। गरीब वर्गों के बच्चों के लिए पहली कक्षा से 50 रूपये छात्रवृत्ति, 12वीं कक्षा तक नि:शुल्क पाठ्य-पुस्तकें और बालिकाओं को दो जोड़ी गणवेश और बालिकाओं के साथ ही बालकों को भी इस वर्ष से साइकिलें उपलब्ध करवायी जा रही है। गरीब बच्चों को विदेशों में अध्ययन के लिये आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने की व्यवस्था भी है। परिवार के भरण पोषण के लिए अन्नपूर्णा योजना द्वारा सस्ती दरों पर खाद्यान्न उपलब्ध करवाने, प्रसव से पहले और बाद में महिलाओं को स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ ही उचित आराम, आहार और पोषण में सहयोग के साथ ही लाड़ली लक्ष्मी, कन्यादान और अटल बाल आरोग्य मिशन जैसे अनेक प्रयासों से गरीब परिवारों की आर्थिक आवश्यकताओं को पूरा करने में सरकार कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रही है।

इसके साथ ही पीड़ित मानवता की सेवा-धर्म का मध्यप्रदेश की सरकार बिना किसी किन्तु-परन्तु के व्यापक स्तर पर पालन कर रही है। अनुसूचित जाति और जनजाति के गरीबी रेखा से नीचे जीवन बसर करने वाले परिवारों के सदस्यों को नि:शुल्क उपचार की व्यवस्था के लिए शुरू की गई दीनदयाल अंत्योदय उपचार योजना के साथ ही कमजोर वर्ग के ऐसे रोगियों को जिनको और कहीं से भी सहायता नहीं मिल पाती है उन्हें आर्थिक सहायता भी प्रदान करती है।

अब प्रदेश में मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान का बजट बढ़ाकर लगभग 20 करोड़ कर दिया गया है। इन छह वर्षों के कार्यकाल में मंहगे उपचार तक भी गरीबों और जरूरतमंदों की पहुँच के काम हुए हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान की पहल पर लागू अभिनव योजना, मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना में छोटे बच्चों के दिल के ऑपरेशन के मंहगे उपचार की व्यवस्था हो गई है। इस योजना के लिये राशि की उपलब्धता के लिये मुख्यमंत्री द्वारा उनको प्राप्त स्मृति-चिन्ह समृद्ध वर्ग में बाँट दिये गये हैं। यदि सार रूप में कहें तो घरेलू कामकाजी बहनों, हाथ-ठेला, रिक्शा चालक, मण्डी हम्माल और तुलावटी, नि:शक्तजन, खेतिहर मजदूरों सहित सभी मजदूर, अनुसूचित जाति-जनजाति के लोग, महिलाओं और किसान जैसे कमजोर और वंचित तबकों तक स्वतंत्र भारत में आजादी का फल उनके कल्याण की योजनाओं के रूप में पहुँचाने का प्रयास मध्यप्रदेश में इन छह वर्षों में हुआ है।

श्री चौहान के नेतृत्व में सरकार का सेवाभावी रूप स्थापित हुआ है। श्री चौहान की नर को नारायण मानकर सेवा की भावना पिछले छह वर्षों में निर्मित योजनाओं, संचालित कार्यक्रमों, अभियानों और प्रशासनिक नवाचारों में दिखायी देती है। विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देने, किसानों को पाले की राहत पहुँचाने, अन्य क्षतिपूर्तियों और विभिन्न सेवाओं के वितरण में अब सेवा का भाव प्रखर हुआ है। अन्त्योदय मेलों के द्वारा हितग्राहियों को चिन्हित कर स्थानीय स्तर पर लाभान्वित करने, विभिन्न शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों के बैंक खातों में सीधे राशि जमा करने, राहत राशि, शिष्यवृत्ति की दर आदि को महँगाई के सूचकांकों से संबद्ध करने संबंधी अनेक नवाचारी प्रयास हुए हैं।

देश में पहली बार मध्यप्रदेश में लोक सेवा प्रदाय गारंटी कानून द्वारा यह व्यवस्था कर दी गई है कि आम जन को सरकार की सेवाओं के लिये याचना की जरूरत ही नहीं रहे। इस कानून से व्यवस्था का स्वरूप ही बदल गया है। मदद की गारंटी के साथ ही निश्चित समय में सेवा की व्यवस्था हुई है। सेवा में हीला-हवाली या देरी पर संबंधित शासकीय सेवक को उसके द्वारा किये गये विलंब पर अर्थ दण्ड से दंडित करने और नागरिक को दण्ड राशि क्षति-पूर्ति के रूप में उपलब्ध करवाने की व्यवस्था हुई है।

केन्द्र सरकार ने अनुमोदन के लिये लंबित विशेष न्यायालय विधेयक इस दिशा में एक और क्रांतिकारी पहल है जिसमें लोक सेवक द्वारा भ्रष्टाचार से अर्जित सम्पत्ति को राजसात कर जनहितैषी कार्यों में उसका उपयोग करने की अनुमति राज्य सरकार को दी गयी है। दूसरे शब्दों में कहें तो मध्यप्रदेश सरकार के इस कार्यकाल ने शासन सूत्रों के संचालन का आधार सेवा-धर्म को बनाने का नया अध्याय राज-व्यवस्था के इतिहास में लिखा है।

संक्षेप में कहें तो मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के नेतृत्व के इन छह सालों में मध्यप्रदेश के विकासशील व्यक्तित्व को नई ऊँचाइयाँ मिली हैं। देश में अग्रणी रहने की नई जिद, जुनून और ज़ज्बा प्रदेश के सभी क्षेत्रों, वर्गों और समाजों में प्रखर हुआ है। जन शक्ति के साथ जन आकांक्षाओं को पूरा करने को तत्पर सरकार के स्वरूप की ऐसी छवि बनी है जिसका अनुसरण देश के अन्य राज्य भी कर रहे हैं।

 


 

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