सुनीता
दुबे
-
सड़क,
बिजली,
पानी
के साथ
बेहतर
प्रशासन
में
अग्रणी
बनाने
का
निर्णय।
अब तक 65
हजार
किमी.
से
अधिक
सड़कों
का
निर्माण
व
सुधार,
बिजली
उत्पादन
में 106
प्रतिशत
की
वृद्धि,
फीडर
विभक्तिकरण
शुरू,
सिंचाई
रकबा 14
लाख
हेक्टेयर
हुआ,
जलाभिषेक
अभियान
जारी।
-
विकलांगों
के लिए
सामाजिक
न्याय
मिशन
का
गठन।
|
कुछ
फैसले,
जिन्हें
सराहना
भी खूब
मिली,
अनुकरणीय
भी बने
-
लाड़ली
लक्ष्मी
योजना,
मुख्यमंत्री
कन्यादान
योजना,
बेटी
बचाओ
अभियान,
निःशुल्क
साइकिल
वितरण,
स्थानीय
संस्थाओं
में
महिलाओं
को 50ऽ
आरक्षण,
शासकीय
सेवा
में 30ऽ
पुलिस
में 10ऽ,
शिक्षक
के
पदों
पर
शिक्षा
विभाग
में 50ऽ
आरक्षण।
-
म.प्र.
लोक
सेवा
गारंटी
प्रदाय
योजना,
सामाधान
योजना,
जनसुनवाई,
जनदर्शन,
सवर्ण
निर्धन
आयोग
का गठन,
सूचना
प्रौद्योगिकी
का
जनहित
में
उपयोग।
-
सात
संकल्प-
अधोसंरचना
विकास,
निवेश
वृद्धि,
कृषि
को
फायदे
का
धन्धा
बनाना,
शिक्षा
और
स्वास्थ्य,
महिला
सशक्तिकरण,
सुशासन
एवं
संसाधन
विकास,
सुरक्षा,
कानून
एवं
व्यवस्था
की
पूर्ति
के
लिये
सुविचारित
कार्य
योजनाएँ।
-
किसानों
के लिए
ऋण
ब्याज
दर 16ऽ से
घटते-घटते
1ऽ
पहुँची।
मुख्यमंत्री
मजदूर
योजना,
राजस्व
पुस्तक
परिपत्र
में
संशोधन-सहायता
राशि
दुगनी,
किसानों
के
बिजली
बिल
माफ, 8
लाख
हेक्टेयर
क्षेत्र
में
अतिरिक्त
सिंचाई
सुविधा,
कृषि
को लाभ
का
धन्धा
बनाना (कृषि
उत्पादन
दर तीन
गुना
बढ़ी)
कृषि
केबनेट
का
गठन।
-
रिकार्ड
गेहूँ
उपार्जन,
किसानों
को 100
रूपये
प्रति
क्विंटल
का
बोनस,
किसानों
के
बैंक
खातों
में
सीधे 1
हजार
करोड़
रूपये
जमा।
-
उद्योग
हितैषी
नीति,ग्लोबल
इन्वेस्टर्स
समिट,
अधोसंरचना
सुधार
से
औद्योगिक
निवेश
में म.प्र.
देश
में
छठे
स्थान
पर
पहुँचा।
-
नई
खनिज
नीति
लागू।
-
फीडर
विभक्तिकरण,
बिजली
निर्माण
में
आत्म
निर्भरता
की ओर
अग्रसर,
पीपीपी
मोड
में
सड़क
निर्माण।
-
कमजोर
वर्गों
के
उत्थान
के लिए,
महिला,
मजदूर,
हम्माल,
घरेलू
कामकाजी
महिला,
रिक्शा,
ठेला
चालकों,
कोटवारों
,
कम्पाउण्डरों,
शिल्पी,किसान,
आदिवासी,
मछुआरे
आदि के
लिए 16
पंचायतें
आयोजित।
-
आओ
बनाएँ
अपना
मध्यप्रदेश
चलो
गाँव
की ओर,
मध्यप्रदेश
स्थापना
दिवस,
मध्यप्रदेश
गान
आदि के
माध्यम
से जन-जन
में
प्रदेश
के
प्रति
अपनत्व
बढ़ाने
की
कोशिशें।
-
मंत्रियों,
अधिकारियों
का
प्रदेश
विकास
के लिए मंथनकार्यक्रम।
|
-
प्रतिभावान
ग्रामीण
छात्राओं
को
उच्च
शिक्षा
के लिए
प्रोत्साहित
करने
के लिए
गाँव
की
बेटी
योजना
का
जनवरी 2005
में
शुभारंभ।
अब तक 60
हजार
लाभान्वित।
-
रोजगार
गारंटी
योजना
में हर
गाँव
के
प्रत्येक
परिवार
को 100 दिन
काम की
गारंटी।
-
शिक्षा
के
विस्तार
के लिए
लोक
शिक्षण
संचालनालय
के तहत
सभी
संभागों
में
कार्यालय
।
-
सूखा
प्रभावित
क्षेत्रों
में जल-संरक्षण
कार्यों
को
प्राथमिकता।
-
दस
बाँधों
के
आधुनिकीकरण
के लिए
विश्व
बैंक
से
स्वीकृति
।
-
दो
करोड़
गरीब
लोगों
के
वयस्क
परिजनों
के लिए
विवेकानंद
समूह
बीमा
योजना।
-
मुख्यमंत्री
द्वारा
हर छह
माह
में
विकास
कार्यों
की
समीक्षा
करने
का
निर्णय,
जो बाद
में
तीन
माह और
अब एक
माह हो
गया
है।
-
प्रदेश
के 500
अस्पतालों
में 24
घण्टे
प्रसव
सुविधा।
-
दुग्ध
उत्पादकों
को
बीमारी
सहायता
सुविधा।
वर्ष
2006
-
शहरी
क्षेत्रों
की
गरीबी
रेखा
के
नीचे
रहने
वाली
प्रतिभाशाली
छात्राओं
की
उच्च
शिक्षा
के लिए
प्रतिभा
किरण
योजना
लागू।
-
प्रदेश
में
विभिन्न
स्त्रोतों
से 52
हजार
करोड़
रूपये
के
निवेश
प्रस्तावों
पर अमल
शुरू।
-
मुख्यमंत्री
द्वारा
मार्च 2006
में चलो
गाँव
की ओर
का
शुभारंभ।
-
सीधी
जिले
में 7700
करोड़
रूपये
की
लागत
से
बिजलीघर
एवं
एल्युमीनियम
कारखाना।
-
प्रदेश
में आठ
हजार
कम्प्यूटर
गुमठियाँ
लगाने
का
निर्णय।
-
गरीब
कन्याओं
के
सामूहिक
विवाह
के
लिये
मुख्यमंत्री
विवाह
कन्यादान
योजना
लागू।
-
जल-संरक्षण
के
लिये
सालाना
जलाभिषेक
अभियान
प्रारंभ।
-
देश
की
प्रथम
साइबर
ट्रेजरी
का
लोकार्पण
।
-
रोजगार
पत्र
वितरित
करने
में
मध्यप्रदेश
देश
में
अव्वल,
पंजीकरण
में
द्वितीय
।
-
सामान्य
भर्ती
पर लगा
प्रतिबंध
शिथिल ।
-
खेत-तालाब
बनाने
पर अजा,अजजा,
बीपीएल
किसानों
को 100
प्रतिशत
अनुदान।
-
बुधनी
क्षेत्र
से
मुख्यमंत्री
की
विकास
यात्रा
शुरू।
-
किसानों
और
गरीबों
को
बिजली
की बढ़ी
दरों
से
मुक्त
रखने
के
लिये 510
करोड़
की
सब्सिडी।
-
मोटरयान
विधेयक
2005 (म.प्र.
संशोधन
) को
राष्ट्रपति
की
मंजूरी।
-
इंदिरा
सागर
पावर
स्टेशन
(एक
हजार
मेगावाट)
लोकार्पित।
-
6
जिलों
के
लिये
तेजस्विनी
ग्रामीण
महिला
सशक्तिकरण
परियोजना
मंजूर
।
-
मुख्यमंत्री
द्वारा
जबलपुर
में
देश की
पहली समाधान
एक दिन
योजना
का
शुभारंभ
।
-
फसल
बीमा
के लिए
तहसील
के
स्थान
पर
पटवारी
हल्का
इकाई
बनाने
का
निर्णय
।
-
मध्यप्रदेश-सर्वाधिक
स्कूलों
में
मध्यान्ह
भोजन
लागू
करने
वाला
देश का
दूसरा
राज्य
।
-
ग्रामीण
बसाहटों
में
पेयजल
व्यवस्था
में
मध्मप्रदेश
देश
में
दूसरे
स्थान
पर।
-
स्ट्रीट
वेण्डर्स
योजना
लागू
करने
में
मध्यप्रदेश
देश
में
अव्वल।
-
ई-गवर्नेंस
में
मध्यप्रदेश
देश के
चार
अग्रणी
राज्यों
में ।
-
ग्रामीण
विद्युतीकरण
में
मध्यप्रदेश
देश
में
अव्वल
।
-
शासकीय
विभागों
में भी
न्यूनतम
मजदूरी
सुनिश्चित
करने
के
निर्देश।
-
अन्य
पिछड़ा
वर्ग
में
सम्पन्न
वर्ग
के
लिये
वार्षिक
आय
सीमा
ढ़ाई
लाख
रूपये
हुई।
-
इंदिरा
सागर
जलाशय
को 600
मीटर
भरने
का
निर्णय।
-
खेती
को लाभ
का
धंधा
बनाने
के
लिये
कृषक
आयोग
का गठन ।
-
प्रदेश
में
पहली
बार
बाढ़-
अतिवर्षा
प्रभावित
मछुआरों
को
मुआवजा
मिला।
-
प्रदेश
एक
राष्ट्रीय
अध्ययन
में
बीमारू
राज्यों
की
श्रेणी
से
मुक्त
हुआ ।
-
2001
में
नियुक्त
संविदा
शाला
शिक्षकों
को भी
मातृत्व-पितृत्व
अवकाश
मिलेगा।
-
प्रदेश
के
इतिहास
में 6109
मेगावाट
विद्युत
उपलब्धता
का
कीर्तिमान
स्थापित।
-
प्रदेश
में 50
वर्षों
बाद
रीवा
में
पशु
चिकित्सा
महाविद्यालय
स्थापना
को
स्वीकृति
।
वर्ष
2007
-
जन
दर्शन
कार्यक्रम
के
माध्यम
से
लोगों
की
समस्याओं
से
गाँव-गॉव
में रू-ब-रू
होने
का
मुख्यमंत्री
का निर्णय।
-
वेट
और
प्रवेश
कर की
दरों
में
परिवर्तन
एक
अप्रैल
2007 से
लागू।
-
बुन्देलखण्ड
विकास
प्राधिकरण
के गठन
को
मंजूरी।
-
नर्मदा
घाटी
परियोजनाओं
से एक
वर्ष
में 67
हजार 632
हेक्टेयर
अतिरिक्त
सिंचाई
क्षमता
अर्जित।
-
अजा,
अजजा
की
छठवीं
कक्षा
की
बालिकाओं
को भी
मुफ्त
साईकिलें
देने
का
निर्णय
।
-
राष्ट्रीय
ई-गवर्नेंस
परियोजना
के तहत
मध्यप्रदेश
में 9232
सूचना
गुमटियां
स्थापित
होंगी।
-
मध्यप्रदेश
वनोपज (व्यापार
विनियमन)
संशोधन
विधेयक
2006
अधिसूचित।
-
प्रदेश
में
खेतिहर
मजदूरों
का भी
पंजीयन
करवाने
का
फैसला।
-
भूमिहीन
खेतिहर
मजदूरों
के
कल्याण
के
लिये
अलग से
श्रमिक
कल्याण
मंडल
के गठन
का
निर्णय।
-
माध्यमिक
स्तर
के सभी
बच्चों
को
निःशुल्क
पाठ्य
पुस्तकें
देने
का
फैसला।
-
उच्च
शिक्षा
के
लिये
विदेश
अध्ययन
छात्रवृत्ति
योजना
शुरू।
पिछड़ा
वर्ग
के
पाँच
छात्र-छात्राओं
को मिलेगी
छात्रवृत्ति
।
-
किसानों
सहित
कम
भुगतान
क्षमता
वाले
विद्युत
उपभोक्ताओं
को
रियायती
दर पर
बिजली।
-
स्वतंत्रता
संग्राम
सेनानियों
की
सम्मान
निधि
चार
हजार
से
बढ़ाकर
छह
हजार
करने
का
निर्णय।
-
वन
क्षेत्र
में नए
अतिक्रमण
रोके
जायेंगे,
पुराने
अतिक्रामकों
को
नहीं
हटाया
जायेगा।
-
पांचवीं
की
परीक्षा
अब
बोर्ड
से
नहीं
होगी।
आठवीं
में
परीक्षा
शुल्क
नहीं।
-
गंभीर
कुपोषित
बच्चों
के
इलाज
और
पोषण
पर
खर्च
होने
वाली
राशि
ढाई
गुना
हुई ।
-
मध्यप्रदेश
में
मिलने
वाले
खनिजों
की
प्रोसेसिंग
अब
मध्यप्रदेश
की
धरती
पर।
डायमंड
पार्क
का
शिलान्यास।
-
स्थापना
दिवस
के
अवसर
पर
मुख्यमंत्री
श्री
चौहान
द्वारा
मुख्यमंत्री
मजदूर
सुरक्षा
योजना
का
शुभारंभ।
-
देश
का
पहला
रूरल
बिजनेस
हब सेल
इंदौर
में
आरंभ।
-
सूखा
आकलन
के
लिये
मापदंड
तय,
तहसील
के
अलावा
ग्राम
समूह
को
इकाई
माना
गया।
-
12वीं
तक के
विद्यार्थियों
को
मिलेंगी
मुफ्त
पाठय-पुस्तकें
।
-
खसरे
की नकल
किसानों
को घर
पर
मिलेगी।
-
मध्यप्रदेश
में
पहली
बार
लागू
हुई
रोजगारोन्मुखी
प्रशिक्षण
नीति।
बी.पी.एल.
सदस्यों
के
प्रशिक्षण
का संपूर्ण
व्यय
शासन
का।
-
6771.81
किलोमीटर
लम्बी 489
सड़कों
के
सुधार
के
लिये
विशेष
प्रोजेक्ट।
-
मध्यप्रदेश
में
योग
नीति
लागू।
-
सामान्य
वर्ग
के
निर्धन
लोगों
के
समग्र
कल्याण
के
लिये
राज्य
सामान्य
निर्धन
वर्ग
कल्याण
आयोग का
गठन।
-
दूरस्थ
ग्रामीण
अचंलों
में
जाने
वाली
बसों
से कम
टैक्स
लिया
जायेगा।
-
राज्य
सरकार
की पहल
पर
चालीस
लाख तक
टर्न
ओव्हर
वाले
व्यवसाइयों
के
लिये
अब
कम्पोजिशन
टैक्स।
-
किसानों
की
लंबित
विद्युत
पेनाल्टी
माफ-आधी
देयक
राशि
शासन
वहन
करेगा।
-
वन्य-प्राणियों
से जन
तथा
पशु
हानि
की
क्षतिपूर्ति
राशि
में
वृद्धि।
-
पिछड़ी
जनजाति
की
संरक्षण
सह
विकास
योजना
का
अनुमोदन।
-
अन्नपूर्णा
योजना
का
शुभारंभ।
आर्थिक
रूप से
कमजोर
लोगों
को ढ़ाई
रुपये
किलो
गेहूँ
और
साढ़े
तीन रुपये
किलो
चावल
मिला
आर्थिक
रुप से
कमजोर
लोगों
को।
-
मध्यप्रदेश
में
कन्या
भ्रूण
हत्या
रोकने
के लिए
सूचना
देने
वाले
को एक
लाख
रूपये
दिये
जायेंगे।
-
संविदा
शिक्षक
होंगे
अब
अध्यापक
18 हजार
को
मिलेगा
फायदा।
-
तेन्दूपत्ता
संग्रहण
वर्ष 2008
के
लिये
दरों
में
वृद्धि,
साल
बीज
संग्रहण
पर लगा
प्रतिबंध
समाप्त।
-
महिलाओं
को
संविदा
शिक्षकों
की
भर्ती
एवं
नगरीय
निकायों
में
पचास
प्रतिशत
आरक्षण।
-
24
मई को
सिंगरौली
बना
प्रदेश
का 50वाँ
जिला।
-
14
जून को
शहडोल
को
संभाग
का
दर्जा
।
-
किसानों
के
बिजली
संबंधी
अपराधों
के सभी
प्रकरण
वापस
लिये
जायेंगे।
-
राजीव
गांधी
ग्रामीण
विद्युतीकरण
योजना
को
जारी
रखने
का
निर्णय।
-
पंचायत
सचिवों
के लिए
मृत्यु
अनुग्रह
अनुदान
योजना
लागू ।
-
आतंकवाद
के
खिलाफ
राज्य
सरकार
का रुख
सख्त,
राज्य
स्तरीय
दस्ते
के गठन
की
मंजूरी।
-
उच्च
शिक्षा
के
क्षेत्र
में
सेमेस्टर
सिस्टम
लागू
करने
वाला
मध्यप्रदेश
पूरे
देश
में
पहला
राज्य।
-
प्रदेश
में
पृथक-पृथक
ग्रामीण
और
शहरी
असंगठित
कर्मकार
मंडल
का
गठन।
-
क्रीड़ा
अधिकारियों
और
ग्रंथपालों
की
अधिवार्षिकी
आयु अब 62
वर्ष
होगी।
-
भोपाल
की बड़ी
झील
बचाने
उमड़
पड़ा जन-सैलाब।
मुख्यमंत्री
सहित
श्रमदान
करने
पहुँचे
मंत्री
व्यापारी,
अधिकारी।
-
पात्र
सदस्य
न होने
पर
आश्रित
विधवा
पुत्रवधु
को
मिलेगी
अनुकंपा
नियुक्ति।
-
संविलियन
प्राप्त
अतिशेष
शासकीय
सेवकों
को
समयमान
वेतन
का लाभ
।
-
विक्रम
पुरस्कार
पाने
वाले
खिलाड़ियों
को
सरकारी
नौकरी
।
-
एक
या दो
बेटी
के बाद
नसबंदी
करवाने
वाले
दंपत्ति
पुरस्कृत
होंगे।
-
12वीं
में 85
प्रतिशत
से
अधिक
अंक
लाने
वाले
बच्चों
को
कम्प्यूटर
मिलेंगे।
-
राष्ट्रीय
ग्रामीण
पेयजल
गुणवत्ता
एवं
निगरानी
कार्यक्रम।
प्रशिक्षण
एवं जल
स्वच्छता
निरीक्षण
में
प्रदेश
देश में
प्रथम।
-
रिवर्स
बायर-सेलर
मीट
में दो
लाख
डालर
से
ज्यादा
के
आर्डर
मिले।
-
छठवें
वेतनमान
के
पुनरीक्षण
नियमों
की
अधिसूचना
जारी।
-
सड़क
दुर्घटना
पीड़ितों
की
आर्थिक
सहायता
दुगनी
हुई।
-
नई
भू-अधिकार
एवं ऋण
पुस्तिका
का
निःशुल्क
वितरण 15
अगस्त
से ।
-
केन्द्रीय
सहकारी
बैंक
एवं
भूमि
विकास
बैंक
के
कर्मियों
को
पांचवाँ
वेतनमान।
-
बहु
विकलांग
निःशक्तजन
की
सहायता
के
लिये
योजना
लागू।
-
श्रमिक
पुत्रियों
की
विवाह
सहायता
के
लिये 8वीं
कक्षा
उत्तीर्ण
की
बाध्यता
समाप्त।
अब दो
नहीं
तीन
पुत्रियों
को लाभ।
शहरी
गरीबों
को एक
लाख
रूपये
के
आवास
ऋण पर
पाँच
फीसदी
ब्याज
अनुदान।
नजूल
भूमि
के
पट्टे
को
फ्री
होल्ड
में
बदलने
का
विकल्प।
595
मिडिल
स्कूलों
के
लिये 1785
अध्यापकों
के पद
स्वीकृत।
नई
दवा
नीति 2009
को
मंजूरी।
प्रदेश
के 52
हजार
गाँवों
में
बनेंगे
खेल
मैदान।
मंथन
2009
सुशासन
एवं
संसाधन
विकास
कार्यदल
की 55
अनुशंसाएँ।
मोटरयान
कराधान
अध्यादेश
में
संशोधन।
तीन
नवम्बर
से
सांझा
चूल्हा
कार्यक्रम
प्रारंभ ।
प्रदेश
में
नगरीय
क्षेत्रों
के
विकास
के
लिये 1300
करोड़
रूपये
का बजट
जारी।
ढाई
हजार
चिकित्सकों
को चार
स्तरीय
वेतनमान
दिया
गया।
एक
हजार
से
अधिक
पदों
को
भरने
की
प्रक्रिया
शुरू।
नया
खाद्य
नियंत्रण
आदेश
जारी।
तीन
नवम्बर
से
प्रदेश
में
लागू।
वर्ष
2010 को
बाँस
वर्ष
के रूप
में
मनाया
जायेगा।
तीन
करोड़
बाँस
के
पौधे
लगाये
जायेंगे।
नवजात
बालिका
को
दत्तक
पुत्री
के रूप
में
कानूनी
मंजूरी।
भू-माफियाओं
के
विरूद्ध
निरन्तर
अभियान
चलाने
का
निर्णय ।
राज्य
की
औषधीय
एवं
सुगंधित
पौध
विकास
रणनीति
मंजूर
।
बड़े
तहसील
मुख्यालयों
पर भी
अब
होगा समाधान
एक दिन
कार्यक्रम।
चिकित्सकों
की
सेवानिवृत्ति
आयु 65
वर्ष
होगी।
अनुसूचित
जनजाति
के 35
विकासखण्डों
में
मोबाइल
अस्पताल
खुलेंगे।
निर्मल
ग्राम
पंचायत
पुरस्कार
में
मध्यप्रदेश
को देश
में
दूसरा
स्थान।
19
वर्ष
के बाद
विवाह
और दो
संतानों
के बाद
परिवार
नियोजन
वाले
दंपत्ति
पुरस्कृत
होंगे।
प्रत्येक
जिले
में
रोजगार
मेले
लगेंगे।
शासकीय
सेवकों
को
सम्पत्ति
का
विवरण
देना
अनिवार्य,
अचल
सम्पत्ति
का
विवरण
कम्प्यूटर
वेबसाइट
पर
उपलब्ध
होगा।
ग्रंथपाल
एवं
पीटीआई
का पद
राजपत्रित
घोषित।
अधिवार्षिकी
आयु
बढ़कर 62
वर्ष
हुई।
वर्ष
2012 तक
प्रदेश
के सभी
गाँवों
को
सड़कों
से
जोड़ने
के
निर्देश।
प्राथमिक
सहकारी
साख
समितियों
के
कर्मियों
के लिए
पहली
बार
सेवा
शर्ते
बनीं।
ऋण
माफी
और ऋण
राहत
योजना
का लाभ
वर्ष 1997
के
पूर्व
के
पात्र
किसानों
को भी
मिलेगा।
प्रदेश
में
वर्ष 2010-11
परिवार
नियोजन
वर्ष
के रूप
में
मनाने
का
निर्णय।
विधायकगण
पाँच
लाख
रूपये
तक की
राशि
दे
सकेंगे।
संकटग्रस्त
गाँवों
में
सिंचाई
और
आजीविका
के
लिये
माइक्रो
प्लान
बनेगा।
महाविद्यालयों
एवं
विश्वविद्यालयों
के
शिक्षकों
व
अधिकारियों
के
लिये
पुनरीक्षित
यूजीसी
वेतनमान
स्वीकृत।
म.प्र.
वृत्तिकर
संशोधन
अधिनियम
2010 लागू।
इंदिरा
आवास
योजना
में अब
शत-प्रतिशत
राशि
व्यय
होगी, 10
प्रतिशत
राशि
का
प्रावधान
समाप्त।
पेंशन
व
परिवार
पेंशन
पर
महंगाई
राहत
दर में
वृद्धि।
सभी
52 हजार
गाँवों
में
खुलेंगी
राशन
दुकान।
तीन
हजार
गाँवों
में
आपात
खर्चों
में
मदद के
लिये
ग्राम
राहत
कोष
खुलेंगे।
एक
हजार
एवं 500
आबादी
वाले
गाँवों
में
मुख्यमंत्री
पेयजल
योजना
लागू ।
शासकीय
सेवा
में
सीधी
भर्ती
के
लिये
अधिकतम
आयु
में
संशोधन।
राज्य
शासन
द्वारा
भोपाल
गैस
काण्ड
के
निर्णय
के
विरुद्ध
सत्र
न्यायालय
के
समक्ष
अपील
एवं
पुनरीक्षण।
हर
गाँव
का
मास्टर
प्लान
बनेगा।
व्यावसायिक
शिक्षण
संस्थाओं
के
लिये
प्रवेश
तथा
फीस
विनियामक
समिति
का
गठन।
शिशु
एवं
मातृ
स्वास्थ्य
सुरक्षा
में
अभिनव
पहल,
पूरे
प्रदेश
में
नाम
आधारित
ट्रेकिंग
प्रणाली
लागू
होगी।
सैन्य
परिजनों
की
सम्मान
निधि
में
चार
गुना
वृद्धि।
हरियाली
उत्सव
पर हर
साल
साढ़े
आठ
करोड़
पौधे
लगाने
का
निर्णय।
किसानों
को
वापस
मिलेगी
अतिरिक्त
भूमि,
सतना
जिले
में
लिलजी
बाँध
और
टोंस
बराज
से
होगा
इंतजाम।
प्रदेश
में
मत्स्य-बीज
उत्पादन
बढ़ाने
के
लिये
निजी
क्षेत्र
में
पाँच
लाख
रूपये
का
अनुदान
दिया
जायेगा।
प्रदेश
में एक
लाख से
अधिक
शिक्षकों
की
भर्ती
होगी।
अब
छात्रों
को भी
मिलेगी
यूनिफार्म।
गौ-वंश
वध के
दोषी
व्यक्ति
को
न्यूनतम
एक
वर्ष
से
अधिकतम
सात
वर्ष
तक का
कारावास।
आरक्षक
वर्ग
के
बैकलॉग
पदों
की
भर्ती
की समय-सीमा
बढ़ी।
मंदसौर
पवित्र
नगरी
घोषित
।
निःशक्त
बच्चों
के
कर्मचारी
माता-पिता
को
राहत,
पसंदीदा
जगह पर
हो
सकेंगे
पदस्थ,
नीति
में
संशोधन।
आय
प्रमाण-पत्र
जारी
करने
संबंधी
निर्देश
जारी,
तहसीलदार,नायब
तहसीलदार
प्राधिकृत
अधिकारी।
लोक
सेवा
गारंटी
अधिनियम
लागू
करने
वाला म.प्र.
देश का
पहला
राज्य।
उच्च
शिक्षा
के
लिये
गरीब
मेधावी
विद्यार्थियों
को
शिक्षा
ऋण
मिलेगा,
गारंटी
लेगी
राज्य
सरकार।
रोजगार
निर्माण
करने
वाले
उद्योगों
को
विशेष
सुविधाएँ
मिलेगी।
प्रत्येक
जिले
में
पेंशन
कार्यालय
का
गठन।
मध्यप्रदेश
के 9
जिलों
में 21
नये
सीमेंट
प्लांट
स्थापित
किये
जायेंगे,
18 कंपनी
करेंगी
25,726 करोड़
रूपये
का
निवेश।
रबी,
दलहन
और
तिलहन
फसलों
के
समर्थन
मूल्य
घोषित,
समर्थन
मूल्य
में
बढ़ोत्तरी
से
किसानों
कोमिलेगा
फायदा।
पंचायतों
और
नगरीय
निकायों
में
पचास
प्रतिशत
पद
महिलाओं
के लिए
सुरक्षित।
वन
भूमि
के
अधिकार-पत्र
के
वितरण
में
देश
में
अग्रणी
बना म.प्र.।
प्रदेश
में
समर्थन
मूल्य
पर
गेहूँ
खरीदी
के
सारे
रिकार्ड
टूटे।
हर
गाँव
में
बनेगी
मध्यप्रदेश
बनाओ
समिति।
वर्ष
2011
-
किसानों
को 16
प्रतिशत
ब्याज
पर
मिलने
वाला ऋण
सात, तीन
और अब एक
प्रतिशत
हुआ।
-
उद्योग
संवर्धन
नीति 2010
में
उद्योगों
में
स्थानीय
निवासियों
को 50
प्रतिशत
रोजगार
देने का
प्रावधान।
-
मध्यप्रदेश
में लोक
सेवाओं
के
प्रदान
की
गारंटी
अधिनियम
का
क्रियान्वयन
शुरू।
-
मध्यप्रदेश
निवेश
आकर्षित
करने की
दृष्टि
से देश
में
तीसरे
स्थान
पर, किसी
एक
वित्तीय
वर्ष
में
सर्वाधिक
पूंजी
निवेश
का
कीर्तिमान।
-
बेटी
बचाओ
अभियान
प्रारंभ।
-
सिर्फ
बेटियों
वाले
माता-पिता
को
मिलेगी
55 की
उम्र के
बाद
पेंशन।
-
मध्यप्रदेश
की
लाड़लियों
के हाथ
में 9
अरब
रुपये,
अब तक
लाड़ली
लक्ष्मी
योजना
में
साढ़े
सात लाख
से अधिक
बालिकाएँ
पंजीकृत।
-
12वीं
में 80
प्रतिशत
से अधिक
अंक
वाले
विद्यार्थियों
को
निःशुल्क
कम्प्यूटर।
कक्षा 12वीं
में
प्रथम
छात्राओं
को भी 5
हजार की
छात्रवृत्ति
सहित
शिक्षा
ऋण
दिलायेगी
सरकार।
-
मुख्यमंत्री
बाल
ह्रदय
सुरक्षा
योजना
लागू।
-
अ.जा.
एवं अ.ज.जा.
के
प्रकरणों
में सभी
जिलों
में
विशेष
न्यायालय
स्थापित
करने
में
मध्यप्रदेश
देश का
पहला
राज्य
बना।
-
मुख्यमंत्री
ने
भाबरा
में
किया
पहला
भीली-सामुदायिक
रेडियो
केन्द्र
लोकार्पित।
-
मछुआ
सहकारी
समिति
के
सदस्यों
को भी एक
प्रतिशत
ब्याज
पर ऋण।
-
वनोपज
का
समर्थन
मूल्य
घोषित
करने
वाला
मध्यप्रदेश
पहला
राज्य।
-
कृषि
को लाभ
का धंधा
बनाने
के
प्रयासों
का फल,
प्रदेश
में
राष्ट्रीय
औसत से 6
प्रतिशत
अधिक
कृषि
वृद्धि।
-
मध्यप्रदेश
को
पर्यटन
के
क्षेत्र
में
कारवाँ
टूरिज्म
के
अनूठे
प्रयोग
के लिये
अवार्ड।
-
वन्य-प्राणी
द्वारा
की गई
फसल
हानि पर
मिलेगी
प्रतिपूर्ति
राशि।
-
केन्द्रीय
योजना
आयोग ने
प्रदेश
के
विकेन्द्रीकृत
जिला
नियोजन
को
सर्वश्रेष्ठ
माना,
अन्य
राज्यों
को
अपनाने
का
सुझाव।
-
प्रायवेट
स्कूलों
में
कमजोर
वर्ग के
बच्चों
को
प्रवेश,
पहले आओ
पहले
पाओ के
सिद्धांत
पर
प्रायवेट
स्कूलों
में एक
लाख 41
हजार
सीटों
पर
प्रवेश
दिलाया
गया।
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