संजय
जैन
हमारे
देश में
मेले
हमेशा
से
लोगों
के लिये
खुशियों
के कारण
रहे
हैं।
लोग दूर-दूर
से
खुशियों
की तलाश
में
मेलों
में
जाते थे
और खुश
होकर
अपने
घरों को
लौटते
थे। इन
दिनों
मध्यप्रदेश
में एक
अलग तरह
के मेले
लग रहे
हैं,
जिनमें
लाखों
जरूरतमंद
लोगों
को
खुशियां
मिल रही
है।
राज्य
सरकार
ने इन
मेलों
को
अन्त्योदय
मेलों
का नाम
दिया
है।
जिनमें
सरकारी
योजनाओं
का लाभ
गरीब
जरूरतमंदों
का
दिलाया
जा रहा
है। अब
तक
प्रदेश
में लगे
23
अन्त्योदय
मेलों
में 24
लाख 79
हजार से
अधिक
हितग्राहियों
को करीब
1981.40 करोड़
रूपये
की मदद
विभिन्न
जनकल्याणकारी
योजनाओं
में दी
जा चुकी
है।
मुख्यमंत्री
श्री
शिवराज
सिंह
चौहान
की मंशा
के
अनुरूप
लग रहे
इन
मेलों
से
जरूरतमंद
लोगों
तक
सरकार
पहुंचकर
उन्हें
मदद दे
रही है।
इससे यह
भ्रांति
भी दूर
हो रही
है कि
पात्र
लोगों
तक
सरकारी
मदद
पहुंचने
में
दिक्कतें
आ सकती
है। इस
व्यवस्था
में
पूरे
तंत्र
को
जवाबदेह
बनाया
गया है
तथा
वितरण
व्यवस्था
में
सुधार
किया
गया है।
अन्त्योदय
मेले की
निर्धारित
तिथि से
काफी
पहले
सरकारी
अमला
गाँव-गाँव
जाकर
हितग्राहियों
का चयन
करता है
तथा
इन्हें
मेले के
लिये
बुलाता
है।
मेले
में आये
ये
हितग्राही
मेहमान
होते
हैं,
जिन्हें
खुद
मुख्यमंत्री
श्री
चौहान
सहायता
देते
है। इस
तरह सभी
शासकीय
योजनाओं
का लाभ
सीधे
हितग्राहियों
तक
पहुंचता
है तथा
बिचौलियों
की कोई
भूमिका
नहीं
रहती
है।
अन्त्योदय
मेले
लोगों
में
जागरूकता
भी ला
रहे हैं,
अब वे
सरकारी
योजनाओं
को तथा
अपने
हकों को
समझने
लगे है।
कई
शासकीय
विभाग
इन
मेलों
में
अपनी
योजनाओं
को
प्रदर्शित
भी करते
हैं। ये
मेले
शासकीय
अमले के
लिये
उत्प्रेरक
का काम
कर रहे
हैं। अब
वे
स्वंय
मैदान
में
जाकर
पात्र
हितग्राहियों
का चयन
कर रहे
हैं।
मेलों
में आने
वाले
जरूरतमंदों
के आने-जाने
की तथा
उनके
भोजन की
व्यवस्था
भी
सरकार
करती
है।
इस
तरह जिस
डिलिवरी
सिस्टम (वितरण
व्यवस्था)
को
सुधारने
की बात
अर्थशास्त्री
तथा
समाज
वैज्ञानिक
करते
हैं, उस
दिशा
में ये
अन्त्योदय
मेले एक
महत्वपूर्ण
कदम है।
अब तक
प्रदेश
में लगे
22
अन्त्योदय
मेलों
की
जानकारी
इस
प्रकार
है।
|
स.क्रं. |
जिला |
लाभान्वित
हितग्राही |
वितरित
राशि |
|
1 |
रीवा |
56,000 |
20.38
करोड़ |
|
2 |
भोपाल |
1,40,000 |
128
करोड़ |
|
3 |
इंदौर |
1,07,000 |
60
करोड़ |
|
4 |
राजगढ़ |
66,000 |
72
करोड़ |
|
5 |
बुरहानपुर |
2,63,000 |
84
करोड़ |
|
6 |
मुरैना |
95,000 |
100
करोड़ |
|
7 |
होशंगाबाद |
31,000 |
17.68
करोड़ |
|
8 |
नीमच |
73,989 |
32.12
करोड़ |
|
9 |
कटनी |
88,861 |
36.05
करोड़ |
|
10 |
टीकमगढ़ |
1,96,000 |
31.63
करोड़ |
|
11 |
दतिया |
51,000 |
52.93
करोड़ |
|
12 |
ग्वालियर |
2,15,000 |
204
करोड़ |
|
13 |
सिंगरौली |
58,979 |
91.73
करोड़ |
|
14 |
शहडोल |
58,763 |
72.87
करोड़ |
|
15 |
विदिशा |
1,60,000 |
110.00
करोड़ |
|
16 |
देवास |
71,766 |
42.37
करोड़ |
|
17 |
मंडला |
60,000 |
103.00
करोड़ |
|
18 |
रायसेन |
2,10,115 |
188.00
करोड़ |
|
19 |
गुना |
61,245 |
34.97
करोड़ |
|
20 |
उमरिया |
2,8,63 |
.79
करोड़ |
|
21 |
दमोह |
9,195 |
5.40
करोड़ |
|
22 |
सागर |
3,42,565 |
272.27
करोड़ |
|
23 |
सिवनी |
62,202 |
67.00
करोड़ |
|
योग- |
24,79,543 |
1981.40
करोड़
|
|