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गांव
के
चहुंमुखी
विकास
से ही
खुशहाल
और
अग्रणी
मध्यप्रदेश
की
परिकल्पना
निहित
है।
गांव
के
विकास
के
लिये
यह
आवश्यक
हो गया
है कि
विकास
और
सामाजिक
सरोकारों
की
योजना
उनका
क्रियान्वयन
और
किये
गये
कार्यों
का
मूल्यांकन
स्वयं
ग्रामवासियों
द्वारा
ही
किया
जाये।
उन्होने
इसके
लिये
ग्राम
समितियों
के गठन
की
वकालत
की।
उन्होंने
कहा कि
नियोजित
विकास
ही
गांवों
की
खुशहाली
का
आधार
बनेगा।
उक्त
उद्गार
मुख्य
मंत्री
श्री
शिवराज
सिंह
चौहान
ने आज
अपनी
आओ
बनायें-अपना
मध्यप्रदेश
अभियान
के तहत
आरंभ
की गई
दो
दिवसीय
यात्रा
के
अंतिम
पड़ाव
ग्राम
सागर
में कल
रात वन
क्षेत्रों
से आये
हजारों
लोगों
की सभा
को
संबोधित
करते
हुए
व्यक्त
किये।
श्री
चौहान
ने
ग्रामवासियों
को
अपने
कर्त्तव्यों
का
पालन
ईमानदारी
से
करने,
गांव
की
सफाई
को
प्राथमिकता
देने,
पानी
के
संरक्षण
की
दिशा
में
पहल
करने
और नशा
जैसी
सामाजिक
बुराई
को
समाप्त
करने
के
लिये
प्रेरित
करते
हुए
कहा कि
ग्रामवासियों
को
इसके
लिये
अपने
मन,
वचन और
कर्म
से
कार्य
करना
होगा।
उन्होंने
सभा से
कहा कि
उठो,
जागो
और
आत्म
विश्वास
पैदा
करो,
ताकि
ग्रामवासियों
को एक
स्वस्थ
और
विकसित
वातावरण
मिल
सके।
मुख्य
मंत्री
ने
ग्रामवासियों
को साथ
मिलकर
काम
करने
का
संकल्प
दिलाया।
मुख्य
मंत्री
वन
क्षेत्र
में
बसे इस
छोटे
से
लगभग 1400
की
आबादी
वाले
गांव
सागर
में
रात्रि
विश्राम
किया।
दूरदराज
के
गांवों
से
बड़ी
संख्या
में
आये
ग्रामवासियों
को
देखकर
श्री
चौहान
भावविव्हल
हो गये
और सभा
के
समापन
के
पश्चात
मंच से
उतरकर
ग्रामवासियों
के
मध्य
पहुंचे
और
अनेक
लोगों
से
आत्मीयता
से
मिले।
उन्होंने
कहा कि
मुझ पर
यह जोर
दिया
गया था
कि मैं
किसी
बड़े
स्थान
पर
रात्रि
विश्राम
करूं
लेकिन
मैं
ग्रामवासियों
से सहज
और
निकटता
से
मिलने
के
लिये
आतुर
था और
इसीलिये
मैंने
सागर
गांव
में
रात्रि
विश्राम
का
निर्णय
लिया
है।
इस
अवसर
पर
मंडला
जिले
के
प्रभारी
एवं
श्रम
मंत्री
श्री
जगन्नाथ
सिंह,
आदिम
जाति
कल्याण
मंत्री
श्री
विजय
शाह,
पंचायत
एवं
ग्रामीण
विकास
राज्य
मंत्री
श्री
देवसिंह
सैयाम,
विधायक
श्री
रामप्यारे
कुलस्ते,
आदिवासी
वित्त
विकास
निगम
के
अध्यक्ष
श्री
बृजेन्द्र
सिंह
कोंकड़िया,
जनप्रतिनिधि,
सामाजिक
कार्यकर्ता
और
बड़ी
संख्या
में
ग्रामवासी
उपस्थित
थे।
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