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आदिवासियों
के
हितों
का
संरक्षण
सर्वोपरि
होगा -
मुख्यमंत्री
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भोपाल
: 27
जनवरी,
2010 |
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मुख्यमंत्री
श्री
शिवराज
सिंह
चौहान
ने
प्रदेश
की
संपदा
का
संरक्षण
और
संसाधनों
के
संतुलित
उपयोग
को
मध्यप्रदेश
के
विकास
के
लिये
आवश्यक
निरूपित
करते
हुए
कहा कि
आदिवासियों
के
हितों
के
संरक्षण
को
विशेष
प्राथमिकता
दी
जायेगी।
उन्होंने
कहा कि
ऐसे उन
बाहुबलियों
और
अवसरवादियों
के
खिलाफ
शासन
सख्ती
से
कार्रवाई
करेगा
जिनके
द्वारा
आदिवासियों
के नाम
पर
अपने
हित
साधे
जाते
हैं।
मुख्यमंत्री
मंगलवार
को देर
रात
डिंडौरी
जिले
के
आदिवासी
बहुत
कस्बा
गाड़ासरई
में एक
बड़ी
आम सभा
को
संबोधित
कर रहे
थे।
प्रदेश
में
खेती
को लाभ
का
जरिया
बनाने
के
लिये
किसानों
और
ग्रामवासियों
को
अगले
चार
वर्षों
में
दिन
रात
बिजली
मुहैया
कराने
की
दिशा
में
पूरी
गंभीरता
से
कार्यवाही
की
जायेगी।
उन्होंने
कहा कि
इसके
लिये
गांव
में और
खेती
के
लिये
बिजली
की
उपलब्धता
निर्बाध
बनाये
रखने
के
उद्देश्य
से अलग-अलग
फीडर
निर्धारित
कर
विद्युत
वितरण
की
व्यवस्था
सुनिश्चित
की
जायेगी।
आओ
बनाये
अपना
मध्यप्रदेश
के
अंतर्गत
प्रदेशवासियों
में
जागरूकता
पैदा
करने
रचनात्मक
कार्यक्रमों
से
जोड़ने
और
प्रदेश
के
निर्माण
में
सक्रिय
योगदान
के
लिये
आम
लोगों
को
प्रेरित
करने
के
उद्देश्य
से
आरंभ
की गई
यात्रा
को
उन्होंने
रचनात्मक
निरूपित
किया।
उन्होंने
कहा कि
अपने
मध्यप्रदेश
को
बनाने
का आशय
यह है
कि
प्रदेश
में इस
प्रकार
के
सर्वागीण
जनहितैषी
कार्य
किये
जायें
जिससे
यह
प्रदेश
हर
क्षेत्र
में
विकास
की
ऊंचाईयों
को छू
सके और
देश के
विकसित
राज्यों
की
श्रेणी
में
आगे आ
सके।
श्री
चौहान
ने
आदिवासी
जिला
डिण्डौरी
को
प्रदेश
का
आदर्श
और
पूर्ण
विकसित
जिला
बनाने
की
दिशा
में
सभी
आवश्यक
उपाय
करने
की
प्रतिबद्वता
व्यक्त
की।
मुख्यमंत्री
ने
प्रदेश
को
विकास
के पथ
पर
तेजी
से आगे
बढ़ाने
के
प्रति
लोगों
का
आव्हान
किया।
दिनभर
की अथक
व्यस्तताओं
के बाद
भी
तारोताजा
और
आत्मविश्वास
से
लबरेज
श्री
चौहान
ने कहा
कि
मध्यप्रदेश
को
अग्रणी
बनाने
के
लिये
समाज
के हर
वर्ग
और
तबके
के
लोगों
को
अपनी
सक्रिय
भूमिका
निभानी
होगी।
हर
प्रदेशवासी
जो
जहां
जिस
भूमिका
में है
वह
वहां
अपने
प्रदेश
के
विकास
के
प्रति
अपने
कर्त्तव्यों
का
दायित्व
पूरा
करे।
उन्होने
कहा कि
प्रदेश
में
हरियाली
को
बचाने,
जल
संरक्षण
की
दिशा
में
कार्य
करने
की
सामूहिक
जवाबदारी
भी हम
सबको
पूरी
निष्ठा
के साथ
निभानी
होगी।
उन्होंने
कहा कि
जीवन
का
कलंक
बन गये
नशा से
मुक्ति
पाने,
गांव
में
स्वच्छता
बनाये
रखने
और
भावी
पीढ़ी
को
शिक्षा
दिलाने
जैसे
ऐसे
कार्य
हैं
जिन्हें
समाज
के लोग
ही
मिलकर
पूरा
कर
सकते
हैं।
मुख्यमंत्री
श्री
चौहान
ने
स्वर्ण
जयंती
ग्राम
स्वरोजगार
योजना
के
अंतर्गत
प्रतीक
स्वरूप
दो स्व-सहायता
प्रतिनिधियों
को
स्वरोजगार
के
लिये
ऋण और
अनुदान
राशि
के चैक
वितरित
किये।
इस
योजना
के तहत
गाड़ासरई
क्षेत्र
के 38
हितग्राही
समूहों
को 63
लाख
रूपये
के ऋण
और
अनुदान
उपलब्ध
कराये
जायेंगे।
इसके
पूर्व
मुख्यमंत्री
ने
वनभूमि
में
काबिज
आदिवासियों
को
वनाधिकार
का
पट्टे
प्रदान
किये
और
भारत
पर्व
का
शुभारंभ
किया।
उन्होंने
भारत
पर्व
में
सांस्कृतिक
कार्यक्रम
प्रस्तुत
करने
वाले
दलों
को
मुख्यमंत्री
स्वेच्छानुदान
से 11-11
हजार
रूपये
की
राशि
देने
की
घोषणा
की।
उन्होंने
स्कूल
जाने
वाली
बैगा
जनजाति
की
छात्राओं
को
साइकिलें
वितरित
की तथा
राष्ट्रीय
परिवार
सहायता
के
हितग्राहियों
को 10-10
हजार
की
सहायता
राशि
के चैक
प्रदान
किये।
उन्होंने
शिक्षा
के
क्षेत्र
में
उत्कृष्ट
कार्य
करने
वाली
तीन
ग्राम
पंचायतों
को 25-25
हजार
रूपये
की
पुरूस्कार
राशि
के चैक
भी
वितरित
किये।
इस
अवसर
पर
डिंडौरी
जिले
के
प्रभारी
एवं
पशुपालन
मंत्री
श्री
अजय
विश्नोई,
डिंडौरी
के
विधायक
श्री
ओंकार
मरकाम,
पूर्व
विधायक
श्री
ओमप्रकाश
धुर्वे,
जनप्रतिनिधि
एवं
सामाजिक
कार्यकर्त्ता
और
बड़ी
संख्या
में
दूरदराज
से आये
ग्रामवासी
उपस्थित
थे।
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