|
और
अब
योगगुरू
बने
शिवराज
|
|
|
|
डिण्डौरी
: 27
जनवरी,
2010 |
|
बच्चों
में
मामा
के रूप
में
लोकप्रिय
मुख्यमंत्री
श्री
शिवराज
सिंह
चौहान
अब
योगगुरू
भी बन
गये
हैं।
श्री
चौहान
ने यह
भूमिका
आज
डिंडौरी
जिले
के
शाहपुर
में
आदिम
जाति
कल्याण
विभाग
के
उच्चतर
माध्यमिक
विद्यालय
की
छात्र
छात्राओं
के
समक्ष
निबाही।
श्री
चौहान
ने
बच्चों
से
चर्चा
करते
समय जब
यह
पूछा
कि वे
अपने
स्वास्थ्य
के
लिये
सूर्य
नमस्कार
प्राणायाम
जैसे
योग
करते
हैं या
नहीं।
बच्चों
द्वारा
अनभिज्ञता
बताने
पर
उन्होंने
पहले
स्वयं
बच्चों
के
समक्ष
प्राणायाम
करके
बताया
और फिर
बच्चों
से
क्रम
से एक
एक पद
करवाया
और फिर
बच्चों
को
प्राणायाम
का
पदवार
संचालन
करना
सिखाया।
श्री
चौहान
ने
विद्यालय
की
छात्र
छात्राओं
को योग
के लाभ
बताते
हुए
कहा कि
अज्ञान
सबसे
बड़ी
गरीबी
और
ध्यान
सबसे
बड़ी
सम्पत्ति
है।
उन्होंने
कहा कि
ध्यान
करने
से मन
शांत
स्थिर
और
एकाग्रचित्त
होगा
तथा
इससे
मन
मस्तिष्क
स्वस्थ
रहेगा।
वे
यहां
छात्र
छा़त्राओं
से
पृथक
पृथक
उनके
अध्ययन,
सरकार
द्वारा
दी जा
रही
सहायता
और
सुविधा
के
सम्बंध
में
चर्चा
कर रहे
थे।
मुख्य
मंत्री
ने
बच्चों
से
पुस्तकों,
गणवेश
और
छात्राओं
से
साइकिलों
की
उपलब्धता
की
जानकारी
ली। यह
ज्ञात
होने
पर कि
समस्त
पुस्तकें
उपलब्ध
नहीं
हुई
हैं,
मुख्य
मंत्री
ने
अप्रसन्नता
व्यक्त
करते
हुए
कहा कि
यह पता
लगायें
कि किस
स्तर
पर यह
चूक
हुई और
इसके
लिये
जिम्मेदार
व्यक्ति
पर
कार्यवाही
की
जाये।
विद्यालय
में
विज्ञान
विषय
के
शिक्षकों
की कमी
है की
जानकारी
मिलने
पर
मुख्य
मंत्री
ने
सम्बंधित
विभाग
के
अधिकारी
को
शिक्षकों
की
शीघ्र
व्यवस्था
कराने
के
निर्देश
दिये।
माध्यमिक
विद्यालय
के
कन्या
छात्रावास
में
उच्चतर
माध्यमिक
विद्यालय
बनने
से
छात्रावास
में
आवासीय
स्थान
में
कमी को
दूर
करने
के
लिये
उन्होंने
कन्या
छात्रावास
के
विस्तार
पर
विचार
करने
का
आश्वासन
भी
दिया।
मुख्यमंत्री
ने
छात्रों
से कहा
कि
साधारण
परिवार
के
छात्रों
ने ही
आगे
चलकर
उल्लेखनीय
उपलब्धियां
अर्जित
की है
जो
इतिहास
बना
है।
उन्होंने
कहा कि
अध्ययन
के
लिये
साधना,
लगन और
परिश्रम
अत्यावश्यक
हैं।
छात्रों
को
ध्यान
लगाकर
अध्ययन
में
जुटना
चाहिये
और आगे
बढ़ने
का
सदैव
उंचा
लक्ष्य
रखना
चाहिये।
उन्होंने
कहा कि
कोई भी
लक्ष्य
ऐसा
नहीं
है जो
लगन और
परिश्रम
से
प्राप्त
न किया
जा
सके।
मुख्य
मंत्री
तीसरी
कक्षा
के
छात्रों
से
मिले
मुख्यमंत्री
श्री
चौहान
शाहपुर
से
शहपुरा
जाते
हुए
मार्ग
में
ग्राम
नरिया
की
प्राथमिक
शाला
में
अचानक
पहुंचे
और
वहां
कक्षा
तीसरी
के
छात्रों
से
रूबरू
हुए।
उन्होंने
बच्चों
से
पूछा
मैं
कौन
हूं तो
बच्चों
ने
बताया
कि आप
हमारे
मुख्य
मंत्री
हैं।
उन्होंने
बच्चों
से
उनके
नाम
पूछे
और
उन्हें
दुलारते
हुए
खूब
पढ़ने
लिखने
की
समझाईश
दी और
सदैव
पढ़ाई
लिखाई
में
अव्वल
आने का
आशीर्वाद
दिया।
मुख्यमंत्री
ने
शाला
में
निर्माणाधीन
अतिरिक्त
कक्षों
की
जानकारी
लेकर
निर्माण
कार्य
में
तेजी
लाने
के
निर्देश
दिये।
मुख्य
मंत्री
विक्रमपुर
में
पीने
का
पानी
लेकर
आयेंगे
मुख्य
मंत्री
श्री
शिवराज
सिंह
चौहान
ने यह
वादा
किया
है कि
वे
विक्रमपुर
और
कसईसोडा
गांवों
में
पीने
का
पानी
लायेंगे।
श्री
चौहान
शाहपुर
से
शहपुरा
जाते
हुए
ग्रामीणों
के
आत्मीय
आग्रह
पर
ग्राम
विक्रमपुर
में
रूके
और
ग्रामवासियों
से
चर्चा
की।
ग्रामवासियों
की सभी
मांगों
ंका
उन्होंने
परीक्षण
कराने
का
आश्वासन
दिया।
उन्होंने
कहा कि
विक्रमपुर
को
विकासखंड
बनाने
का
मामला
भारत
सरकार
से
संबंधित
है
किन्तु
वे
इसका
शीघ्र
परीक्षण
कराकर
मध्यप्रदेश
सरकार
का
प्रस्ताव
भारत
सरकार
को
भेंजेंगे।
मुख्यमंत्री
श्री
चौहान
ने
ग्रामवासियों
से
चर्चा
करते
हुए
कहा कि
सभी
लोग
अपने
कर्त्तव्यों
का
पूरे
मनोयोग
और
निष्ठा
के साथ
निर्वहन
करें
जो जिस
काम
में है
उसके
प्रति
ईमानदार
रहें।
उन्होंने
कहा कि
सरकार
किसानों
और
मजदूरों
के
हितों
के
संरक्षण
के
लिये
प्रयत्नशील
है।
किसानों
को
गेहूं
की
खरीदी
पर
निर्धारित
मूल्य
से एक
सौ
रूपये
प्रति
क्विंटल
की दर
से
अतिरिक्त
बोनस
दिया
जायेगा।
उन्होंने
कहा कि
अब
मजदूरों
को भी
एक सौ
रूपया
प्रतिदिन
मजदूरी
दी
जायेगी।
मुख्यमंत्री
श्री
चौहान
ने कहा
कि
जनहितैषी
विकास
कार्यो
के
लिये
राज्य
सरकार
धन की
कमी
नहीं
होने
देगी।
उन्होंने
कहा कि
मैं
चाहता
हूं कि
सरकार
का एक-एक
पैसा
ईमानदारी
से
जनहित
कार्यो
में
व्यय
किया
जाये।
उन्होंने
विश्वास
व्यक्त
किया
कि
सम्बंधित
लोग
मेरी
मंशा
को
मूर्तरूप
देने
के
लिये
कार्य
करेंगे।
इसके
अतिरिक्त
मार्ग
में
प्रतीक्षारत
ग्रामवासियों
ने कई
स्थानों
पर
मुख्य
मंत्री
को
रोककर
उनका
स्वागत
किया।
|