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मध्यप्रदेश
को
स्वर्णिम
व
विकसित
प्रदेश
बनाने
मे
प्रदेश
सरकार
कोई
कसर
नहीं
छोड़ेगी।इस
कार्य
में
समाज
के सभी
वर्गों
का
योगदान
भी
जरूरी
है। जो
जिस
क्षेत्र
में है
वह
वहां
अपना
कार्य
समर्पित
होकर
करे और
अपने
प्रदेश
के
सर्वागींण
विकास
में
सहभागी
बने।
उक्त
विचार
मुख्यमंत्री
श्री
शिवराजसिंह
चौहान
ने
मध्यप्रदेश
बनाओं
यात्रा
के तहत
शनिवार
को
रतलाम
जिले
के
सैलाना
में एक
जनसभा
को
संबोधित
करते
हुए
व्यक्त
किए।
कार्यक्रम
की
अध्यक्षता
गृह
तथा
जिले
के
प्रभारी
मंत्री
श्री
उमाशंकर
गुप्ता
ने की।
इस
मौके
पर
पंचायत
एवं
ग्रामीण
विकास
मंत्री
श्री
गोपाल
भार्गव,
नगरीय
प्रशासन
एवं
विकास
राज्यमंत्री
श्री
मनोहर
ऊंटवाल,
पूर्वमंत्री
श्री
हिम्मत
कोठारी,
पूर्व
सांसद
श्री
दिलीपसिंह
भूरिया,
पूर्व
विधायक
श्री
राजेन्द्र
पांडे,
समाजसेवी
श्री
चेतन्य
काश्यप
भी
मंचासीन
थे।
मुख्यमंत्री
श्री
चौहान
ने
सैलाना
क्षेत्र
में
उद्वहन
सिंचाई
योजना
का
सर्वेक्षण
करवाने
तथा
सैलाना
को
पर्याप्त
पेयजल
आपूर्ति
सुनिश्चित
करने
हेतु
कार्ययोजना
बनाने
के
निर्देश
भी
अधिकारियों
को
दिए।
मुख्यमंत्री
ने
वर्षा
जल की
हरेक
बूंद
को
सहेजने
का
आव्हान
करते
हुए
कहा कि
जल
संरक्षण
व
संवर्घन
के
कार्यों
को जन
आंदोलन
के रूप
में
लिया
जाना
चाहिए।
उन्होंने
कहा कि
रोजगार
गांरटी
योजना
के तहत
न्यूनतम
मजदूरी
सौ
रूपए
प्रतिदिन
कर दी
गई है।
समर्थन
मूल्यपर
गेहूं
खरीदी
पर सौ
रूपए
का
अतिरिक्त
बोनस
प्रदेश
सरकार
ने
किसानों
को
दिया
है।
इससे
किसानों
को 500
करोड़
रूपये
का
अतिरिक्त
लाभ
बोनस
के रूप
में
मिलेगा।
मुख्यमंत्री
श्री
चौहान
ने
इससे
पहले
ग्राम
धामनोद
में
नगर
पंचायत
व्दारा
आयोजित
कार्यक्रम
में 25
लाख
रूपए
लागत
से
निर्मित
पेयजल
टंकी व
जलप्रदाय
योजना
का
लोकार्पण
किया।
उन्होंने
नवगठित
नगर
पंचायत
धामनोद
में
विभिन्न
विकास
कायों
के लिए
एक
करोड़
रूपए
की
राशि
उपलब्ध
कराने
की बात
भी
कही।
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