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मुख्यमंत्री
श्री
शिवराजसिंह
चौहान
ने आओ
बनाये
अपना
मध्यप्रदेश
यात्रा
के
इंदौर
संभाग
में
दूसरे
दिन
झाबुआ
और धार
जिलों
के
गांव-गांव
जाकर
मध्यप्रदेश
विकास
की अलख
जगायी।
उन्होंने
कहा कि
यह
अभियान
एक जन
अभियान
बनेगा
और
इसके
लिये
प्रत्येक
गांव
तथा
शहर
में
स्वयंसेवियों
की
मध्यप्रदेश
बनाओ
समिति
बनाई
जायेगी।
श्री
चौहान
ने
दूसरे
दिन की
दिनचर्या
का
शुभारंभ
झाबुआ
जिले
के
ग्राम
ढेकलवाड़ी
शासकीय
उच्चत्तर
माध्यमिक
विद्यालय
के
बालक
आश्रम
में
अपनी
धर्मपत्नी
श्रीमती
साधना
सिंह
के साथ
अशोक
का
पौधा
रोपकर
की।
इसके
तत्काल
बाद
समीप
के
आदिवासी
थालिया
में
करीब
एक
घण्टे
तक
ग्रामवासियों
के साथ
श्रमदान
किया।
उन्होंने
कहा कि
यदि
मध्यप्रदेश
को देश
के
प्रथम
राज्य
के रूप
में
देखना
है तो
हर
प्रदेशवासी
को
स्वयं
अपना
कर्त्तव्य
निभाना
होगा।
उन्होंने
जनभागदारी
से
तालाब
गहरीकरण
की
शुरूआत
भी की।
श्री
चौहान
ने
बामन
सेमलिया,
अंतरवेलिया,
मेघनगर,
अगराल,
डिलीडोज
आदि
आदिवासी
अंचल
के
गांव-गांव
में
जाकर
ग्रामीणों
को
मध्यप्रदेश
बनाओ
का
संकल्प
दिलाया।
श्री
चौहान
जहाँ
कहीं
भी
पहुँचे
वहाँ
उन्होंने
लोगों
को
भारत
माता
की जय
के साथ
मध्यप्रदेश
बनाओ
अभियान
का यह
संकल्प
भी
दिलाया
कि वे
अपने
गांव
और शहर
की
सफाई
खुद
करेंगे।
अपना
क्षेत्र
हरा
भरा
बनायेंगे
और
वर्ष
में कम
से कम
एक
पौधा
अवश्य
लगायेंगे,
उसकी
रक्षा
करेंगे,
पानी
बचायेंगे
तथा
प्रत्येक
बच्चे
को
स्कूल
भेजेंगे।
श्री
चौहान
ने
झाबुआ
जिले
के
लिये
कठिन
माने
जाने
वाले
इस
संकल्प
को भी
दिलाया
कि वे
ग्राम
को
नशामुक्त
बनायेंगे।
झाबुआ
श्री
चौहान
ने
यात्रा
के
दौरान
रास्ते
में
मौजूद
बडी
संख्या
में
स्थानीय
लोगों
को
सम्बोधित
करते
हुये
कहा कि
झाबुआ
जिले
के
विकास
के
लिये
धन की
कोई
कमी
नहीं
आने दी
जायेगी।
उन्होंने
लोगों
की
पुरजोर
मांग
पर शहर
के बीच
स्थित
पुल के
निर्माण
के
लिये 56
लाख
रूपये
की
घोषणा
की।
मार्ग
में
उन्होंने
केवल
लोगों
को
स्वच्छता
का
संदेश
ही
नहीं
दिया
बल्कि
खुद भी
अनेक
जगह
झाडू
बुहारकर
बताया
कि
स्वच्छता
कार्य
से
जुड़ना
कोई
बुरी
बात
नहीं
है। हर
गांव
और शहर
में
मध्यप्रदेश
बनाओ
समिति
बनाने
की
जानकारी
देते
हुए
उन्होंने
बताया
कि
जल्द
ही सभी
गांव
में
संकल्प
पत्र
भेजे
जायेंगे।
उन्होंने
यह भी
बताया
कि यह
स्थानीय
समितियां
सीधे
मुख्यमंत्री
से
जुड़ी
रहेंगी।
प्रभारी
मंत्री
तथा
जिला
प्रशासन
के
प्रमुख
अधिकारी
इन
समितियों
का
समन्वय
करेंगे।
यह
समितियां
देखेंगी
कि
ग्रामों
के
विकास
के
लिये
शासन
द्वारा
दी जा
रही
पाई-पाई
का
सदुपयोग
हो।
उन्होंने
कहा
अच्छा
कार्य
करने
वाले
पुरस्कृत
होंगे
पर
उपलब्ध
कराई
गयी
राशि
में
कटोती
करने
वालों
और
बेईमानों
को
छोड़ा
नहीं
जायेगा।
मुख्यमंत्री
ने
बर्तन
खरीदे
आओ
बनाये
अपना
मध्यप्रदेश
यात्रा
का
काफिला
लिये
मुख्यमंत्री
श्री
चौहान
दोपहर
में
मेघनगर
पहुँचे।
यहाँ
उन्होंने
देखा
कि
स्थानीय
लोग
मिट्टी
के
सुन्दर
बर्तन
बना
रहे
हैं।
इसमें
आकर्षक
नक्काशी
भी की
गयी
है। वे
अपने
वाहन
से
उतरकर
स्थानीय
दुकानदार
वेस्ताखेमा
की
दुकान
गये।
उन्होंने
यहाँ
से एक
कंडिल,
सुराही,
गैस
तवा
खरीदकर
मिट्टी
के
बर्तनों
की
कीमत
का
भुगतान
भी
किया
तथा
कारीगरों
की
तारीफ
की।
श्री
चौहान
ने
यहाँ
भी
जनसमुदाय
को आओ
बनाये
मध्यप्रदेश
अभियान
से
जुड़ने
का
संकल्प
दिलाया।
उन्होंने
घोषणा
की कि
मेघ
नगर
में
पीने
के
पानी
की
व्यवस्था
की
जायेगी।
योग
गुरू
बने
शिवराज
मुख्यमंत्री
श्री
चौहान
ने
जहाँ
रात
बीतायी
थी उसी
शासकीय
बालक
आश्रम
के
बच्चों
के बीच
काफी
समय तक
बातचीत
करते
रहे।
उन्होंने
बड़ी
ही
आत्मीयता
से
पहले
तो
बच्चों
से
पढाई-लिखाई
कोर्स,
सोने,
जगने
के समय
की
जानकारी
ली फिर
वे एक
योग
गुरू
की
मुद्रा
में आ
गये।
उन्होंने
बच्चों
से कहा
सबको
प्रात:
उठकर
व्यायाम
करना
चाहिये।
स्नान
के
पश्चात
सूर्य
नमस्कार
भी
करना
चाहिए।
शरीर
स्वस्थ्य
रहने
पर ही
पढाई-लिखाई
तथा
अच्छा
काम
करने
में मन
लगता
है।
उन्होंने
योग
में
प्राणायाम
के
महत्व
की
जानकारी
बच्चों
को दी
और कहा
इसे
जरूर
सीखें।
उन्होंने
पहले
प्राणायाम
स्वयं
करके
दिखाया,
बच्चों
को
सिखाया
फिर
उनसे
प्राणायाम
करवाया।
उन्होंने
कहा
प्राणायाम
से मन
एकाग्र
होता
है।
उन्होंने
बच्चों
को सीख
दी की
अपना
जीवन,
परिवार,
गांव,
प्रदेश,
देश
अच्छा
बनाने
के
लिये
निरंतर
कर्त्तव्य
पथ पर
चलें।
बुद्धि
तीव्र
करने
का
मंत्र
श्री
चौहान
ने
बच्चों
से कहा
कि
उनके
पास
बुद्धि
तीव्र
करने
का एक
मंत्र
है।
साथ ही
उन्होंने
बच्चों
से
पूछा
क्या
इसे
सीखना
चाहेंगे?
बच्चों
से एक
स्वर
में
हामी
भरी।
श्री
चौहान
ने
सस्वर
ओम
भूर्भुव:
स्वः…
का
मंत्र
बच्चों
को
सिखाया।
उन्होंने
कहा कि
यह
मंत्र
शब्दों
का ऐसा
गुंथन
है कि
इसका
लगातार
पाठ
करने
से
शरीर
और मन
शुद्ध
रहता
है और
इसके
साथ ही
बौद्धिक
विकास
भी
होता
है।
उन्होंने
स्वयं
के
बारे
में
बताया
कि वे
बचपन
से ही
यह पाठ
करते आ
रहे
हैं।
श्री
चौहान
ने इस
मंत्र
के
प्रत्येक
शब्द
का
अर्थ
भी
बताया।
श्री
चौहान
ने
बच्चों
के
कहने
पर
आठवीं
से
बाहरवीं
तक की
बालिकाओं
के
लिये
पचास
सीटर
छात्रावास
बनाये
जाने
की
घोषणा
की। इस
मौके
पर
आदिम
जाति
कल्याण
मंत्री
श्री
कुंवर
विजय
शाह ने
बताया
कि
आगामी
एक
अप्रैल
से
यहाँ
छात्रावास
प्रारंभ
कर
दिया
जायेगा।
इसी
तरह वे
डिलीडोज
झाबुआ
के
शारदा
विद्या
मंदिर
बामन
सेमलिया
के
बच्चों
से भी
मिले।
मुख्यमंत्री
का
विमान
चलाने
की
इच्छा
श्री
चौहान
अगराल
स्थित
एकलव्य
आदर्श
शासकीय
उ.मा.
विद्यालय
के
बच्चों
से भी
बगैर
किसी
औपचारिकता
के
मिले।
उन्होंने
कहा कि
वे
लक्ष्य
बनाकर
आगे
बढ़े।
सभी
बच्चों
में
डाक्टर,
इंजीनियर,
प्रशासनिक
अधिकारी,
वैज्ञानिक,
प्राध्यापक,
वकील
आदि
बनने
की
प्रतिभा
है।
मुख्यमंत्री
बनने
की भी।
यहाँ 10वीं
की एक
बालिका
प्रियंका
डामोर
ने
श्री
चौहान
से
सीधी
बात
करते
हुये
अपनी
इच्छा
व्यक्त
की कि
वह
पायलट
बनकर
मुख्यमंत्री
का
विमान
चलाना
चाहती
है।
उसने
कहा कि
श्री
चौहान
तब तक
मुख्यमंत्री
बने
रहें
जब तक
वह
पायलट
नहीं
बन
जाती।
प्रतिउत्तर
में
मुख्यमंत्री
ने कहा
कि
मेरा
मुख्यमंत्री
रहना
या न
रहना
महत्वपूर्ण
नहीं
है तुम
पायलट
अवश्य
बनना।
शासन
ने
आदिवासी
एवं
अनुसूचित
जनजाति
के
बच्चों
को
पायलट
का
प्रशिक्षण
देने
की
सुविधायें
दी
हैं।
इन
सुविधाओं
को और
आधुनिक
बनाया
जायेगा।
आदिम
जाति
कल्याण
मंत्री
कुंवर
विजय
शाह,
स्वास्थ्य
राज्य
मंत्री
एवं
झाबुआ
जिले
के
प्रभारी
मंत्री
श्री
महेन्द्र
हार्डिया,
महिला
बाल
विकास
राज्य
मंत्री
(स्वतंत्र
प्रभार)
श्रीमती
रंजना
बघेल
और
बड़ी
संख्या
में
स्थानीय
लोग
मध्यप्रदेश
बनाओ
यात्रा
में
साथ चल
रहे
थे।
उमड़ा
जनसमुदाय
पटेलावाद
के
स्थानीय
लोगों
का
कहना
है कि
इससे
पहले
कभी
इतना
बड़ा
जनसैलाब
उन्होंने
कभी
नहीं
देखा
गया।
ढोल,
मांदर,
नंगडिया
बजाते
हुये
स्थानीय
लोगों
ने
परम्परागत
ढंग से
मध्यप्रदेश
बनाओ
यात्रा
का
स्वागत
किया।
पेटलावद
में
कोई
तीन-चार
किलोमीटर
दोनों
तरफ
हजारों
लोग
उपस्थित
थे।
यहाँ
जनसमुदाय
को
सम्बोधित
करते
हुय
उन्होंने
पुन:
कहा कि
वे
विकास
में
कोई
कमी
नहीं
आने
देगे।
मध्यप्रदेश
भारत
का
पहला
राज्य
है
जहाँ
किसानों
को
केवल
तीन
रूपये
ब्याज
दर पर
ऋण
उपलब्ध
कराया
जा रहा
है।
उन्होंने
गेहूं
पर 100
रूपये
बोनस
दिये
जाने
की भी
जानकारी
दी।
उन्होंने
कहा कि
क्षेत्र
की
मुख्य
उपज
मक्का
और
अन्य
मोटे
अनाजों
को
समर्थन
मूल्य
उपलब्ध
कराया
जायेगा।
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