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मुख्यमंत्री
श्री
शिवराज
सिंह
चौहान
विदिशा
जिले
में
रविवार
को
मध्यरात्रि
में
ग्यारसपुर
पहुंचे।
उन्होंने
वहां
अनेक
निर्माण
कार्यों
का
लोकार्पण
एवं
शिलान्यास
किया।
मुख्यमंत्री
श्री
चौहान
ने
ग्यारसपुर
में
आयोजित
सभा को
संबोधित
करते
हुए
कहा कि
प्रदेश
में
शैक्षणिक
व्यवस्थाओं
के
सुधार
के
लिये
सवा
लाख से
अधिक
गुरुजियों
(मास्टरों)
की
भर्ती
की
जायेगी।
उन्होंने
कहा कि
प्रत्येक
ग्रामीणजन
अपने
गांव
को
आदर्श
बनाने
के
लिये
ईमानदारी
से
कार्य
करें।
आदर्श
गांव
के
बनने
के बाद
ही
मध्यप्रदेश
को
पूरे
देश
में
आदर्श
राज्य
के रूप
में
स्थापित
किया
जा
सकेगा।
मुख्यमंत्री
ने कहा
कि
प्रत्येक
ग्रामवासी
यह
कोशिश
करे कि
उनके
गांव
का एक
भी
बच्चा
शाला
जाने
से न
रह
पाये।
उन्होंने
ग्रामीणों
से कहा
कि
गांव
के
पानी
की
प्रत्येक
बूंद
का
सदुपयोग
हो।
वर्षाकाल
में
बहने
वाले
पानी
को
रोकने
के
बेहतर
इंतजाम
किये
जायें।
श्री
चौहान
ने
लगातार
गिरते
भू-जल
स्तर
पर
चिंता
व्यक्त
की।
मुख्यमंत्री
श्री
चौहान
ने
ग्रामीणों
को
संकल्प
दिलाया
कि वे
अपने
गांव
को
नशामुक्त
करें,
बिजली
बचायें,
प्रत्येक
ग्राम
में एक-एक
विकास
समिति
बनाई
जाये
जो
विकास
कार्यों
पर सतत
निगरानी
रखे।
मुख्यमंत्री
जी ने
अपनी
यात्रा
के
दौरान
ग्यारसपुर
की
समृद्ध
पुरातत्व
संपदा
का
उल्लेख
किया।
उन्होंने
कहा कि
वर्ष 2013
तक
जिले
का
प्रत्येक
गांव
डामरीकृत
सड़क
से
जुड़
जायेगा।
कार्यक्रम
को
वित्त
मंत्री
श्री
राघवजी
ने भी
संबोधित
किया।
मुख्यमंत्री
श्री
चौहान
ने
ग्यारसपुर
में
किया
श्रमदान
मुख्यमंत्री
श्री
शिवराज
सिंह
चौहान
ने
ग्यारसपुर
में
रात्रि
विश्राम
करने
के बाद
सोमवार
को जल
संरक्षण
एवं
संवर्द्धन
का
संदेश
देते
हुए
ग्यारसपुर
के
परघना
झील
में
श्रमदान
की
आहुति
दी। इस
मौके
पर
जिला
पंचायत
अध्यक्ष
श्री
उमाकांत
शर्मा,
बासौदा
विधायक
श्री
हरिसिंह
रघुवंशी,
कुरवाई
विधायक
श्री
हरिसिंह
सप्रे
एवं
पंचायत
प्रतिनिधिगणों
ने भी
श्रमदान
किया।
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