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प्रदेश
के
विकास
में हर
आमों-खास
को
जोड़ने
के
मकसद
से
मुख्यमंत्री
श्री
शिवराजसिंह
चौहान
अपनी
धर्मपत्नी
श्रीमती
साधना
सिंह
के साथ
मध्यप्रदेश
बनाओ
यात्रा
पर आज
आदिवासी
बाहुल्य
अलीराजपुर
जिले
के
छकतला
पहुँचे।
आते ही
वो
यहाँ
जनजीवन
के बीच
पहुँचे।
जिले
के
विकास
की
प्रदर्शनी
का
अवलोकन
किया।
कोई
साढ़े
10 करोड
रूपये
लागत
की 31
किलोमीटर
लंबी 10
ग्रामीण
सड़क
योजनाओं
का
लोकार्पण
किया।
उन्होंने
कहा कि
मैं आज
यहाँ
ग्रामीणों
से
प्रदेश
के
विकास
के
लिये
कुछ
मांगने
आया
हूं और
इसके
साथ ही
उन्होंने
संकल्प
दिलाया
कि
प्रदेश
का हर
शख्स
अपना
कर्त्तव्य
ईमानदारी
से
करके
प्रदेश
के
विकास
में
जुटे।
श्री
चौहान
की
आदिवासी
बाहुल्य
अलीराजपुर,
झाबुआ
तथा
धार
जिलों
की दो
दिवसीय
यात्रा
का
पहला
दिन
था।
साथ
में
आदिम
जाति
कल्याण
मंत्री
कुंवर
विजय
शाह,
स्वास्थ्य
राज्य
मंत्री
और
अलीराजपुर
झाबुआ
जिले
के
प्रभारी
मंत्री
श्री
महेन्द्र
हार्डिया,
महिला
बाल
विकास
राज्य
मंत्री
स्वतंत्र
प्रभार
श्रीमती
रंजना
बघेल
भी
मौजूद
थीं।
मुख्यमंत्री
ने
यहाँ
उपस्थित
विशाल
जनसमुदाय
से कहा
कि जब
तक सब
गरीबों
की
गरीबी
दूर
नहीं
होगी
तब तक
नहीं
मानूंगा
मध्यप्रदेश
बना।
उन्होंने
कहा जब
तक हर
खेत
में
हरियाली
नहीं
होगी,
सिंचाई
का
पानी
नहीं
होगा
खेती
घाटे
से
फायदे
का
धंधा
नहीं
बन
जायेगी,
हर
बच्चा
स्कूल
जाकर
पढ़ाई
नहीं
करने
लगेगा,
हर
बेरोजगार
को
रोजगार
नहीं
मिल
जायेगा
तब तक
नहीं
मानूंगा
कि
मेरी
कल्पना
का
मध्यप्रदेश
बना।
उन्होंने
कहा कि
मुझे
समृद्ध
और
विकसित
मध्यप्रदेश
चाहिए।
यह
केवल
अकेले
शिवराजसिंह
चौहान
नहीं
कर
सकता
इसमें
हर
प्रदेशवासी
की
भागीदारी
आवश्यक
है।
उन्होंने
कहा कि
इसलिये
आज मैं
यहाँ
कुछ
देने
नहीं
बल्कि
मांगने
आया
हूं।
इसके
साथ ही
उन्होंने
कहा हर
गांव
में एक
विकास
समिति
बनायी
जाय,
जो
सरकार
के साथ
मिलकर
अपने
गांव
का
विकास
करे।
उन्होंने
कहा
अगर
गांव
बनेगा
तभी
मध्यप्रदेश
बनेगा।
उन्होंने
अपनी
इस
यात्रा
के
मकसद
को
सार्थकता
प्रदान
करते
हुये
सभा
में
मौजूद
प्रत्येक
व्यक्ति
से हाथ
उठवाकर
मध्यप्रदेश
बनाओ
अभियान
में
भागीदार
बनने
का
संकल्प
दिलाया।
श्री
चौहान
ने कहा
कि
इसके
लिये
आवश्यक
है कि
प्रत्येक
व्यक्ति
अपना
कर्त्तव्य
पूर्ण
करे।
किसान
अच्छी
खेती
करे।
अधिक
से
अधिक
फसल
पैदा
करे।
मजदूर
मजदूरी
लेकर
पूरा
श्रम
करे।
शिक्षक
ईमानदारी
से
पढ़ाये,
डाक्टर
हर
गरीब
और
जरूरतमंद
का
इलाज
करे,
इंजीनियर
निर्माण
करे
मगर
ध्यान
रहे
सीमेंट
की जगह
रेत न
मिलने
पाये।
नेता
हवाला
घोटाला,
बेईमानी
नहीं
करे,
ईमानदारी
से
जनसेवा
में
जुटें,
अधिकारी-कर्मचारी
पूरी
मेहनत
ईमानदारी
से
जनता
की
सेवा
करें,
गड़बड़ी
न
करें।
उन्होंने
अधिकारियों-कर्मचारियों
से यह
भी कहा
कि दिल
पर हाथ
रखकर
देखो
जब
मुख्यमंत्री
दिन-रात
लगा है
तो आप
उसके
साथ
कंधे
से
कंधा
मिलाकर
अपने
कर्त्तव्य
पथ पर
क्यो
नहीं
लग
जाते।
श्री
चौहान
ने कहा
कि
ईमानदार
अधिकारी
की पीठ
थपथपाउंगा।
अधिकारी-कर्मचारियों
की
पूरी
मांगे
मानी
गयी
हैं।
श्री
शिवराजसिंह
चौहान
ने
चेतावनी
भी दी
कि अगर
कोई
बेईमानी
करेगा
तो
छोड़ा
नहीं
जायेगा।
उन्होंने
कहा
अपना
कर्त्तव्य
पूरा
कर आप
अपने
हक का
मध्यप्रदेश
बनायें
इसके
साथ ही
श्री
चौहान
ने
दूसरा
संकल्प
दिलाया
कि हर
कोई एक
न एक
रचनात्मक
कार्य
अवश्य
हाथ
में
ले।
उजड़ी
पहाड़ियों
को हरा-भरा
करें।
पानी
बचायें।
अपना
बच्चा
तो
स्कूल
भेजें
ही साथ
ही
पड़ोसियों
के
बच्चे
भी
स्कूल
भेजने
में
सहयोगी
बनें।
नशा
छोड़ें,
नशा
नाश की
जड़
है।
अलग
अंदाज
में
दिखे
शिवराज
मुख्यमंत्री
श्री
चौहान
मध्यप्रदेश
बनाओ
यात्रा
पर कुछ
अलग ही
अंदाज
में
दिखे।
उनकी
हर
प्रदेशवासी
को
कर्त्तव्य
पथ पर
ले
जाने
की
चाहत
दिखी।
ऐसा लग
रहा था
कि
मुख्यमंत्री
आज
यहाँ
मुख्यमंत्री
न होकर
एक
शिक्षक,
एक
समाज
सेवक,
एक
मार्गदर्शक
हैं जो
हर
व्यक्ति
को
मध्यप्रदेश
के
विकास
से
जोड़ना
चाहते
हैं।
मुख्यमंत्री
श्री
चौहान
को
छकतला
में
पगड़ी
पहनाई
गई तो
उन्होंने
कहा कि
मध्यप्रदेश
बनाओ
अभियान
में
भागीदारी
करके
इस
पगड़ी
की लाज
रखना।
उन्होंने
कहा कि
मध्यप्रदेश
सरकार
द्वारा
जनहित
में हर
तरफ
कार्य
किये
जा रहे
हैं।
गेहूं
पर 100
रूपये
बोनस
दिया
जा रहा
है और
अब
मक्का
तथा
मोटे
अनाजों
को भी
माटी
के मोल
नहीं
बिकने
दिया
जायेगा।
इन
अनाजों
का भी
समर्थन
मूल्य
घोषित
होगा।
इसके
साथ ही
मोटे
अनाजों
की
प्रोसेसिंग
यूनिटें
भी
लगायी
जायेंगी।
उन्होंने
बताया
कि जिन
आदिवासियों
के
दिसम्बर
2005 तक वन
भूमि
पर
कब्जे
हैं
उन्हें
पट्टे
दिये
जा रहे
हैं।
श्री
चौहान
ने
जिला
प्रशासन
को
अलीराजपुर
क्षेत्र
की
वृक्षविहीन
पहाडियों
को
हराभरा
करने
की
योजना
तैयार
करने
के
निर्देश
दिये।
श्री
चौहान
को जब
बताया
गया कि
छकतला
के एक
किसान
ने आधा
एकड़
जमीन
पर 90
हजार
रूपये
का लाभ
अर्जित
किया
है।
उन्होंने
उद्यानिकी
विभाग
को फल
और नगद
लाभ
देने
वाली
फसलें
पैदा
करने
की
योजना
बनाने
के
निर्देश
दिये।
मुख्यमंत्री
श्री
चौहान
ने
लाड़ली
लक्ष्मी
योजना
के चेक,
वन
अधिकार
अधिनियम
के
पट्टे
एवं
स्वयं
सहायता
समूह
के
हितग्राहियों
को चेक
प्रदान
किये।
मुख्यमंत्री
बने
शिक्षक
मुख्यमंत्री
श्री
शिवराजसिंह
चौहान
आलीराजपुर
से
झाबुआ
जिले
की
यात्रा
तक
जहाँ
कहीं
छात्रावास
या
स्कूल
दिखा
वहाँ
गये।
सबसे
पहले
वे
छकतला
के ही
प्री-मेट्रिक
आदिवासी
बालक
छात्रावास
में
निवासरत
बच्चों
के बीच
पहुँचे।
वहाँ
उन्होंने
पाठ्य
पुस्तक
देखकर
बच्चों
से कहा
मध्यप्रदेश
बनाना
है तो
बच्चों
को
पढ़ाई
पर
ध्यान
देना
होगा।
उन्होंने
पूछा
सबरी
कौन थी
?
कृष्ण-सुदामा
कौन थे?
उन्होंने
बच्चों
को
अनेक
शिक्षाप्रद
जानकारी
देने
के साथ
सबरी
की
कहानी
भी
सुनाई।
उन्होंने
बच्चों
को
प्रेरणा
दी कि
स्वयं
अपना
कार्य
करें,
सफाई
पर
ध्यान
दें।
इसी
तरह
श्री
चौहान
ने
प्री-मेट्रिक
बालक
छात्रावास
पुनासा
में भी
पहुँचकर
व्यवस्थायें
देखीं।
मुख्यमंत्री
ने
खेती-बाडी
भी
देखी
श्री
चौहान
आलीराजपुर
जिले
में
पुनासा
के पास
एक
बड़ा
कुंआ
देखकर
अपना
काफिला
रूकवाया।
वे
कुंआ
देखने
गये।
बताया
गया यह
कुंआ
कपिल
धारा
योजना
के
अंतर्गत
बनाया
गया
है। इस
जिले
में इस
योजना
के
अंतर्गत
कोई नौ
हजार
कुंए
बनने
की
जानकारी
दी
गयी।
खेत
में
लहलहाती
फसल भी
मुख्यमंत्री
ने
देखी।
इसी
गांव
में
आगे
चलकर
श्री
चौहान
ने
शासकीय
उचित
मूल्य
दूकान
का भी
निरीक्षण
किया।
मुख्यमंत्री
श्री
चौहान
उमराली
गांव
में
छकतला
से
अलीराजपुर
जाते
हुये
मुख्यमंत्री
उमराली
गांव
में भी
रूके।
उन्होंने
मध्यप्रदेश
बनाओ
अभियान
में
ग्रामीणों
को
शामिल
होने
का
आव्हान
किया।
यहाँ
भी
उन्होंने
सभी को
अपना
कर्त्तव्य
निभाने
तथा एक
रचनात्मक
कार्य
हाथ
में
लेने
का
संकल्प
दिलाया।
चन्द्रशेखर
की
वेशभूषा
में
छकतला
में
आयोजित
जनसभा
में
भाबरा
के
तन्दुरूस्त
युवक
श्री
गिरीश
भटनागर
ने अमर
शहीद
चन्द्रशेखर
आजाद
की
मुद्रा
में
वंदे
मातरम्
गीत का
सम्पूर्ण
गान
किया।
उनकी
जोशीली
आवाज
से
पूरा
वातावरण
देशभक्तिमय
हो
गया।
जब तक
यह गीत
चला
उपस्थित
जनसमुदाय
सावधान
की
मुद्रा
में
अपने
स्थान
पर
खड़ा
रहा।
कार्यक्रम
में
विधायक
अलीराजपुर
श्री
नागरसिंह
चौहान
और
श्री
किशोर
सहाय
भी
मंचासीन
थे।
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