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विदिशा
जिले
में आज
''आओ
बनाये
अपना
मध्यप्रदेश''
बनाओ
यात्रा
पर
निकले
मुख्यमंत्री
श्री
शिवराज
सिंह
चौहान
ने आम
जन की
मनः
स्थिति
को भी
भलीभांति
महसूस
किया।
तपती
धूप
में
शामियाने
के
बावजूद
गर्मी
से
परेशान
जनता
को
मनुहार
के साथ
कुछ
ललकारने
वाले
अन्दाज
में
मुख्यमंत्री
शिवराज
सिंह
चौहान
स्थानीय
बोली
में
कहते
है कि ''भूख
लगी आई
का''।
अपना
मध्यप्रदेश
बनाओं
यात्रा
पर
श्री
चौहान
की
आमसभाओं
में इस
तरह के
दृश्य
दिखते
रहे।
दौरे
में वे
जनता
के
मनोविज्ञान
को
समझते
हुए
परिवार
के
किसी
सदस्य
की तरह
आत्मीय
टिप्पणियां
भी
करते
रहे।
इसी
यात्रा
के तहत
रविवार
को जब
मुख्यमंत्री
विदिशा
जिले
के
दौरे
पर
निकले
तो कुछ
यही
नजारा
आम
हुआ।
ग्रामीणों
से
करीबी
रिश्ता
बनाने
के लिए
बार-बार
की
जाने
वाली
उनकी
ऐसी
टिप्पणियां
अनुकूल
प्रतिक्रिया
लगती
है।
जनता
का
उत्साह
और
करतल
ध्वनि
मुख्यमंत्री
को
प्रसन्न
करने
के साथ
उनके
भाषण
के जोश
को भी
बढ़ा
देती
है।
श्री
चौहान
कहते
है ''मै
भी
किसान
का
बेटा
हूं
इसलिए
आपके
दुख
दर्द
को
अच्छे
से
समझता
हूं।
भरी
गर्मी
में इस
यात्रा
पर
निकलने
के
औचित्य
को
स्पष्ट
करते
हुए
मुख्यमंत्री
कहते
है कि ''जब
मैं
यात्रा
पर
निकलता
हूं तो
मौसम
का
अंदाजा
ही नही
लगता
है।
गर्मी
कितनी
है
इसका
पता
अखबार
पढ़कर
या
टेलीविजन
देखकर
ही
लगता
है।
किसान
का
बेटा
हूं,
डिग्री
सेल्सियस
मुझे
पता
नही
है। यह
तो शहर
वाले
जाने''।
श्री
चौहान
फिर
जनता
के
मनोविज्ञान
को
पकड़ते
है और
कहते
है कि ''मेरे
सामने
जितने
लोग
आवेदन
पत्र
लेकर
खड़े
है वो
परेशान
न हो,
मैं एक-एक
के हाथ
से
आवेदन
लेकर
ही
जाऊंगा।
लोकसभा
में
विदिशा
संसदीय
क्षेत्र
का
पांच
बार
प्रतिनिधित्व
कर
चुके
श्री
चौहान
क्षेत्र
की
जनता
से
अपने
आत्मीय
रिश्तों
का
उल्लेख
करना
नही
भूलते
है।
मुख्यमंत्री
कहते
है कि ''जब
तक
विदिशा
की
जनता
से
मिलता
नही
हूं
मुझे
संतोष
नही
होता
है''।
राजनैतिक
आरोप
प्रत्यारोप
में न
उलझते
हुए
श्री
चौहान
अपने
भाषण
में
मध्यप्रदेश
के
सर्वागीण
विकास
को ही
तरजीह
देते
है।
हालांकि
केन्द्रीय
वन एवं
पर्यावरण
मंत्रालय
के
निर्देश
पर
महेश्वर
बांध
का काम
रोके
जाने
के
संदर्भ
में
उनकी
पीड़ा
झलक ही
जाती
है और
वह
कहते
है कि
इस
बारे
में
प्रधानमंत्री
से
मिलकर
आपत्ति
दर्ज
कराऊंगा।
मुख्यमंत्री
कहते
है कि
सरकार
के
खजाने
में
कोई
कमी
नही
है।
कर्मचारियों
के
वेतन
बढ़ा
दिए गए
है और
किसानों
को
गेहूँ
पर
प्रति
क्विंटल
100 रूपए
बोनस
देने
वाला
मध्यप्रदेश
देश का
पहला
राज्य
है। इस
बार
प्रदेश
में
गेहूँ
का
बम्पर
उत्पादन
हुआ है
और
लगता
है कि
अनाज
रखने
की जगह
कम पड़
जायेगी
लेकिन
किसान
चिन्तित
न हो
बोनस
देने
में
कोई
कठिनाई
नही
है।
मुख्यमंत्री
कहते
है कि
मध्यप्रदेश
को आगे
बढ़ाना
है तो
इस
राज्य
के हर
व्यक्ति
को
अपना
सहयोग
देना
होगा।
वह
कहते
है कि
वही
प्रदेश
आगे बढ़
सकता
है जो
साक्षर
होगा।
इसलिए
गांव
का हर
बच्चा
स्कूल
जाना
चाहिए।
इसी
तरह
स्वच्छता,
पर्यावरण
सुरक्षा,
आबादी
पर
नियंत्रण
और नशा
मुक्ति
के
संदर्भ
में वह
जनता
से आगे
आने का
आव्हान
करते
है।
मुख्यमंत्री
कहते
है कि
कानून
बनाने
से
शराबबंदी
नही हो
सकती
है।
जनता
के सुख-दुख
की
नब्ज
पर हाथ
रखते
हुए वह
समापन
के
पहले
मध्यप्रदेश
के
विकास
के लिए
ग्रामीणों
को
संकल्प
दिलाते
है।
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