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सक्सेस स्टोरीज

बकरी पालन से मेनका उईके के आए अच्छे दिन

भोपाल : रविवार, मार्च 11, 2018, 14:11 IST

बालाघाट जिले के आदिवासी बहुल विकासखंड परसवाड़ा के ग्राम डेंडवा में गरीबी में पली-बढ़ी कुमारी मेनका उईके ने कभी सोचा नहीं था कि बकरी पालन का व्यवसाय उसके अच्छे दिन ला सकता है। मेनका अब बकरी पालन के व्यवसाय को और आगे बढ़ाना चाहती है।

मेनका परिवार का गुजारा चलाने में अपने माता-पिता की मदद करती है। परिवार के पास थोड़ी सी खेती के अलावा आय का कोई जरिया नहीं था। ऐसे में पशु चिकित्सालय, बोदा के चिकित्सक ने मेनका को बकरी पालन का व्यवसाय करने की सलाह दी और उसे बैंक से ऋण भी दिलवाया।

वर्ष 2016-17 में मेनका को 10 बकरियों एवं एक बकरे की इकाई के लिए बैंक से 77 हजार 546 रूपये का ऋण दिलवाया गया। ऋण राशि में आधी राशि पशु चिकित्सा विभाग द्वारा उसे अनुदान के रूप में दी गई। मेनका को बकरी पालन के लिए इकाई की कुल लागत का मात्र 10 प्रतिशत ही लगाना पड़ा। बैंक से ऋण मिलते ही मेनका ने देशी प्रजाति की 10 बकरियाँ एवं जमनापारी नस्ल का एक बकरा खरीदा। पशु चिकित्सा विभाग द्वारा उसकी बकरियों के लिये 3 माह का आहार उपलब्ध कराने के साथ ही बकरियों का 5 वर्ष का बीमा भी कराया गया है।

मात्र छ: माह की अवधि में ही मेनका की बकरियों ने 8 मादा एवं 7 नर बच्चों को जन्म दिया। बकरियों के बच्चे अब बड़े हो गये हैं और उनकी वर्तमान कीमत 52 हजार रुपये हो गई है। मेनका ने इनमें से 6 बकरियों को 3 हजार एवं 5 बकरों को 4 हजार रुपये के हिसाब से बेच दिया है। इससे उसे 6 माह में ही 38 हजार रुपये की शुद्ध आय हुई है। मेनका ने पहली बार में हुई आय से बैंक का ऋण भी अदा कर दिया है।

मेनका बकरी-पालन के इस व्यवसाय से कम समय में मिले अधिक लाभ से संतुष्ट और बहुत खुश है। इससे उसकी आर्थिक स्थिति भी अब सुधरने लगी है। अब वह गाँव के दूसरे लोगों को भी बकरी-पालन को व्यवसाय के रूप में अपनाने के लिये प्रोत्साहित कर रही है।

सक्सेस स्टोरी (बालाघाट)


ऋषभ जैन
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