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सक्सेस स्टोरीज

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना से स्वप्निल बनी सफल उद्यमी

भोपाल : बुधवार, मार्च 7, 2018, 16:08 IST

मध्यप्रदेश में राज्य सरकार की स्वरोजगार योजनायें युवाओं के साथ-साथ महिलाओं को भी आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में सहायक सिद्ध हो रही हैं। अब तो शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू महिलायें भी इन योजनाओं के माध्यम से घर बैठे अपना सम्मानजनक व्यवसाय संचालित कर रही हैं। ऐसी ही एक गृहणी हैं आगर-मालवा जिले की श्रीमती स्वप्निल रत्नाकर। इन्होने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना की मदद से आगर-मालवा में कोटा रोड पर अपना 'यशस्वी अगरबत्ती कारखाना' स्थापित किया है।

श्रीमती स्वप्निल का यह कारखाना मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में मिली 20 लाख रूपये की ऋण राशि से स्थापित हो सका है। इस ऋण राशि पर राज्य सरकार ने 4.50 लाख रूपये का अनुदान इन्हें दिया है। इस कारखाने में स्वप्निल ने अनेक महिलाओं को रोजगार भी उपलब्ध करवाया है। यहां सभी महिलायें हैं, जो मिलजुलकर खुशबूदार अगरबत्ती और धूपबत्ती बनाती हैं। इनकी बनाई अगरबत्ती और धूपबत्ती की आगर-मालवा जिले के साथ-साथ इन्दौर, उज्जैन, राजस्थान, और मुम्बई आदि शहरों में भी खूब मांग है। श्रीमती स्वप्निल रत्नाकर ने अपने इस कारखानें में हाल ही में स्व-सहायता समूह की 40 अन्य महिलाओं को प्रशिक्षण देकर आत्म-निर्भर बनाया है।

नेमीचंद ने बढ़ाया डिस्टिल वाटर कारोबार : मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना की मदद से ही 26 साल की उम्र में सफल उद्यमी बने हैं राजगढ़ जिले के नेमीचंद पटीदार। यह युवक जीरापुर ब्लाक के तलेन कस्बे में डिस्टिल वाटर निर्माण का प्लांट चलाता था। इस व्यवसाय से मुश्किल से 10 हजार रूपये महीना की कमाई हो पाती थी। संयुक्त परिवार होने के कारण परिवार में इतना कम आर्थिक योगदान इन्हें अच्छा नहीं लग रहा था।

नेमीचंद ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना का लाभ लिया और अपने डिस्टिल वाटर के कारोबार को बढ़ाने के लिये आवेदन किया। योजना में 6 लाख रूपये ऋण मिला। साथ ही, 1 लाख 80 हजार रूपये की अनुदान राशि का लाभ भी मिला।

इस वित्तीय मदद से नेमीचंद ने 60 हजार रूपये में डी.एम. प्लांट, 2 लाख 20 हजार रूपये में आर.ओ. प्लांट, 1 लाख 20 हजार रूपये में चिलर प्लांट और 2 लाख रूपये में वाटर केम्पर स्थापित कर शुद्ध पेयजल प्रदाय का व्यवसाय प्रारंभ किया। इस प्रयास से नेमीचंद की मासिक आय में चार गुना से अधिक की वृद्धि हुई। आय बढ़ने से नेमीचंद ने चार पहिया वाहन और मोटर सायकिल भी खरीद ली है। अपने व्यवसाय को सफलता पूर्वक चलाने के लिये 3 अन्य लोगों को रोजगार भी दिया है। साथ ही, 9 हजार रूपये बैंक की किश्त भी आसानी से हर माह लौटा रहा है।

सक्सेस स्टोरी (आगर-मालवा,राजगढ़)


राजेश पांण्डेय
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