social media accounts







सक्सेस स्टोरीज

प्राथमिक शाला के बच्चे कर रहे हैं डिजिटल माध्यम से पढ़ाई

भोपाल : बुधवार, फरवरी 21, 2018, 15:28 IST

सागर जिले के देवरी विकासखण्ड में एक गाँव है समनापुर जादो। यहाँ की प्राथमिक शाला के विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यम से शिक्षा दी जा रही है। शाला में बच्चे एलसीडी और लेपटॉप के जरिये शिक्षा हासिल कर रहे हैं। जिले के इस पहले डिजिटल विद्यालय में बच्चे अंग्रेजी भाषा, कर्सिव हेण्ड-रायटिंग में लिखना सीख रहे हैं। नये और रोचक तरीके से वे गणित के गुणा, भाग, जोड़, घटाना बहुत अच्छे से समझकर सीख रहे हैं। डिजिटल माध्यम की मदद से बच्चे पहाड़ा, गिनती, स्पेलिंग, कविताएँ आदि बड़ी आसानी से याद कर लेते हैं। जिला प्रशासन के अधिकारी जब शाला में पहुँचे तो तीसरी कक्षा के छात्र सत्येन्द्र ने जिस फुर्ती से 19 का पहाड़ा सुनाया, वे दंग रह गये।

डिजिटल शिक्षा के माध्यम से गाँव में शिक्षा का स्तर बढ़ा है। इस शाला में कई ऐसे बच्चे हैं, जिन्होंने प्रायवेट स्कूल छोड़कर इस शाला में प्रवेश लिया है। यह शाला जिले में मॉडल के रूप में पहचान स्थापित कर रही है। शाला की सफलता से उत्साहित होकर जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग जिले में इस प्रकार की एक और शाला जल्दी ही शुरू करने की कार्यवाही कर रहा है।

स्वच्छता में बगदा गाँव बना मिसाल:- दतिया जिले में भाण्डेर विकासखण्ड से 15 किलोमीटर दूर है गाँव बगदा। स्वच्छता अभियान से इस गाँव की तस्वीर ही बदल गई है। सभी गलियों में सी.सी. सड़क है। नाली और सड़कें बिलकुल साफ-सुथरी हैं। पूरे गाँव में शौचालय बने हुए हैं, जिनमें स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाता है। कुछ समय पहले बाहर जाने वाले ग्रामीणों को शौचालय के इस्तेमाल की आदत भी पड़ गई है।

गाँव के करन सिंह, भगवत सिंह, मुन्नालाल, अरविंद आदि कहते हैं कि अब हमें हमारा गाँव बहुत अच्छा लगता है। बच्चे भी सफाई से रहना सीख रहे हैं। इससे बीमारियों में भी कमी आयी है। पहले गाँव में घुसते ही गली में कीचड़, घूरा और कूड़ा-कचरा दिखता था। स्वच्छता अभियान के बाद हमारी गलियाँ इतनी साफ हो गई हैं कि ऐसा लगता है मानो हम किसी शहरी कस्बे में घूम रहे हैं।

 सक्सेस स्टोरी (सागर)


सुनीता दुबे
जिसका कोई नहीं, उसकी सरकार है न......
बेरोजगार सुरेन्द्र बन गया लखपति काश्तकार
प्रधानमंत्री आवास योजना से राजेश को भी मिला है पक्का मकान
बच्ची के चौंकने से रोये नाना-नानी, बजीं तालियाँ
कृषि उत्पादन बढ़ाने में सहायक सिद्ध हुए सोलर पम्प
पशु प्रजनन कार्यक्रम से बढ़ रहा है दुग्ध उत्पादन
सफेद मूसली की खेती से लखपति हुए कैलाशचन्द्र
आजीविका मिशन से जरूरतमंदों को मिला संबल
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क से आसान हुआ नर्मदा स्नान
अबकी बरसात नहीं टपकेगा मंजू का घर
वृद्धा शगुना बाई को घर पर मिली अंत्येष्टि और अनुग्रह सहायता राशि
सीताफल और मुनगा ने राजकुमार और रामकृष्ण को बनाया प्रगतिशील किसान
मशरूम की खेती और मधुमक्खी पालन से उन्नतशील कृषक बने लक्ष्मणदास
पक्का मकान मिलने से नायजा और मीना को मिला सम्मान
रोजगार मेले में युवाओं की रोजगार पाने की हसरत हुई पूरी
मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना से मासूम महक को मिली बोलने-सुनने की शक्ति
मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना से श्रमिक की बेटी को मिली नई जिन्दगी
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना से गदगद हैं किसान
बेटी बाई के खेत में समय पर पर्याप्त पानी दे रहा है सोलर पम्प
रोजगार मेला में नौकरी पाकर खिले युवाओं के चेहरे
शालिनी को अब नहीं है नौकरी की दरकार
काव्या को मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना से मिली दिल की धड़कन
बैक्टिरिया और फंगस से बनी किफायती खाद से पौधे बनेंगे स्मार्ट और इंटेलिजेन्ट
गिरीजा और मीना बनी पशुपतिनाथ मंदिर की पहरेदार
लेप्रोस्कोपिक हार्ट सर्जरी के बाद स्वस्थ है दीपशिखा
जरूरतमंदों की पक्की छत का सपना पूरा कर रही प्रधानमंत्री आवास योजना
प्रधानमंत्री योजना में मिले घर से होगी रामबाई की बेटी की शादी
विदेश अध्ययन से प्राप्त ज्ञान का वायरस रहित मिर्च उत्पादन में भरपूर उपयोग कर रहे हैं महेंद्र
रामकन्या और प्रेम भैरव को मिला सपनों का घर
सौभाग्य योजना से काजल का घर हुआ रौशन
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 ...