सक्सेस स्टोरीज

तालाब बनने से बदली गाँव की तस्वीर : पहली बार 230 हेक्टेयर में हुई सिंचाई

भोपाल : शनिवार, फरवरी 10, 2018, 15:16 IST

 उज्जैन जिले की तराना तहसील के ग्राम भगवतपुर और धनियाखेड़ी में करीब 4 करोड़ 60 लाख रुपये लागत से तालाबों का निर्माण करवाया गया है। इन दोनों तालाबों में इस बार कम बारिश होने के बावजूद पर्याप्त जल-संग्रहण हुआ है। इन दोनों तालाबों से भगवतपुर और धनियाखेड़ी में 230 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई हुई है। दोनों गाँव को मिलाकर करीब 140 किसानों ने पहली बार सिंचित फसल ली है। इस क्षेत्र के ये वह किसान हैं, जो पिछले वर्ष तक सोयाबीन फसल लेने के बाद खाली बैठे रहा करते थे, लेकिन आज इनके खेत में गेहूँ और चने की फसल लहलहा रही है। 

क्षेत्र के विधायक अनिल फिरोजिया ने जल-संसाधन विभाग द्वारा निर्मित किये गये जलाशयों को किसानों की तकदीर बदलने वाला बताया है। ग्राम भगवतपुरा के किसान प्रभुलाल गुर्जर बताते हैं कि इस बार उन्होंने 6 बीघा जमीन पर गेहूँ बोया था। तालाब बनने के पहले उनकी जमीन सूखी पड़ी रहती थी। क्षेत्र के एक अन्य किसान मुकेश पाटीदार बताते हैं कि तालाब बनने से पानी की बदौलत अब वे उद्यानिकी की फसल भी ले रहे हैं। ग्राम धनियाखेड़ी के किसान सोहन सिंह और नागूलाल गुर्जर का कहना है कि तालाब बनने से उनकी कृषि से होने वाली आय अप्रत्याशित रूप से बढ़ी है।  

विधायक श्री अनिल फिरोजिया बताते हैं कि यह दोनों जलाशय उज्जैन जिले के पथरीले इलाके में बनाये गये हैं। भगवतपुर तालाब की जल-ग्रहण क्षमता 0.76 मिलियन घन मीटर है। इस तालाब से 83 किसानों की 150 हेक्टेयर जमीन सिंचित हुई है। धनियाखेड़ी तालाब की जल-ग्रहण क्षमता 0.43 मिलियन घन मीटर है। इस तालाब से 60 किसानों की 80 हेक्टेयर जमीन में सिंचाई की गई है। तराना क्षेत्र में इन दोनों तालाबों की सफलता को देखते हुए ग्रामीणों ने अन्य क्षेत्रों में भी तालाब निर्माण किये जाने की पहल की है।

 सक्सेस स्टोरी (उज्जैन)


मुकेश मोदी
"एक सड़क ने बदला गांव का जीवन : खुले तरक्की के द्वार"
स्व-रोजगार योजनाओं की मदद से युवा वर्ग बन रहे उद्यमी
सरकारी योजनाओं से कमजोर वर्गों को मिल रही नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा
आर्थिक नुकसान की आशंका से मुक्त हुए किसान
कस्टम हायरिंग सेंटर चलाने वाला प्रदेश का पहला महिला स्व-सहायता समूह
ग्राम हड़हा वासियों को मिले पक्के घर
ग्रामीण महिलायें बनीं स्वावलम्बी : गाँव हुए खुशहाल
मन की बात से प्रेरित होकर बना दिया डेयरी का आधुनिकतम संयंत्र
व्यवसायी स्वयं घर आते हैं बेर खरीदने
मिसाल बने युवा उद्यमी गौरव : मुख्यमंत्री ने दी शाबाशी
मुख्यमंत्री की किसान हितैषी घोषणाओं से किसान हुए खुशहाल
स्व-रोजगार योजनाओं से युवा बन रहे स्वावलंबी
बड़ी बीमारी के इलाज में बड़ा सहारा बनीं सरकारी योजनाएँ
छिंदवाड़ा जिले के फ्लोराइड क्षेत्र में मिलने लगा शुद्ध पेयजल
आत्म-विश्वास से लबरेज हैं पनारी गाँव की महिलाएँ
दिव्यांग रोशनी को मिला आगे बढ़ने का हौसला
सोलर पम्प यूनिट से नरेन्द्र के खेतों में हो रही सिंचाई
युवा हिमांशु बन गए बड़े व्यवसायी
उद्यानिकी प‍द्धति से बंजर भूमि पर हो रही अनार की भरपूर खेती
मिर्ची की खेती ने राकेश को बनाया लखपति
ग्रामीणों की बैंक वाली दीदी बनीं मनीषा और कविता
अंतर्राष्ट्रीय कराटे चैम्पियनशिप में रजत पदक जीती कुमारी पायल
आत्मविश्वास से लबरेज हो चली हैं पनारी गाँव की महिलाएँ
सेनेटरी पैड बना रहीं आम्बाखोदरा की पैडवुमन हेमलता, भुरी और गुडडी
शासन की मदद से स्वावलम्बी बनी आत्म-विश्वासी सीमा
अशोकनगर की बेटी गुंजन राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित
बालाघाट में मूलचंद ने की केले की खेती की शुरूवात
तालाब बनने से बदली गाँव की तस्वीर : पहली बार 230 हेक्टेयर में हुई सिंचाई
कोहकाडीबर गाँव की महिलाएँ कर रहीं बेहतर साबुन का उत्पादन
प्रधानमंत्री आवास योजना से एक गांव में एक साथ बने 36 घर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 ...