social media accounts







सक्सेस स्टोरीज

दोना-पत्तल व्यवसाय से बहुत खुश है सागर

भोपाल : शुक्रवार, जनवरी 12, 2018, 17:14 IST

खण्डवा के रामनगर निवासी सागर कोमल प्रसाद मेहरा ने मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना की मदद से दोना पत्तल व्यवसाय स्थापित किया है। इसके लिए उसे 5 लाख रूपये की मदद मिली है, जिसमें 1.50 लाख रूपये अनुदान शामिल है। सागर को केवल 3.50 लाख रूपये ऋण ही आसन किश्तों में चुकाना है। अब इस युवा का दोना-पत्तल बनाने का व्यवसाय अच्छा चल रहा है। इस व्यवसाय की कमाई से ही सागर 10 हजार 600 रूपये की मासिक किश्त नियमित रूप से जमा कर रहा है। सागर को अब अपने व्यवसाय से लगभग 20 हजार रूपये महीने की आय आसानी से प्राप्त होने लगी है।

सागर ने पॉलीटेक्निक डिप्लोमा तक पढ़ाई की है। जब वह फाईनल ईयर में था, तभी उसके पिता के अचानक गुजर जाने से परिवार पर भीषण संकट आ गया था। ऐसे में सबसे पहली जरूरत रोजगार की ही थी। इसलिए सागर ने पढ़ाई बीच में छोड़कर स्व-रोजगार स्थापित करने के लिए अपने दोस्तों से सलाह ली। उसे मालूम हुआ कि अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं को स्व-रोजगार के लिए अन्त्यवसायी समिति द्वारा मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना में मदद दी जाती है। इस वित्तीय मदद में लगभग एक तिहाई राशि अनुदान स्वरूप भी मिलती है।

सागर ने अन्त्यवसायी कार्यालय जाकर आवेदन दिया। उसका दोना-पत्तल व्यवसाय स्थापित करने के लिए प्रकरण स्वीकृत हो गया और बैंक ऑफ इंडिया द्वारा 5 लाख रूपये उसे दिये गए। सागर ने अपने भाई जयंत के साथ दोना-पत्तल बनाने की दो मशीने खरीदीं। कच्चा माल इंदौर से लाकर अपना व्यवसाय प्रारंभ किया। मात्र 3-4 माह पूर्व प्रारंभ इस व्यवसाय में अभी से उसे लगभग 20 हजार रूपये मासिक बचत आसानी से हो जाती है। अब सागर कुछ समय में दोना-पत्तल निर्माण के लिए और मशीन लाकर अपने व्यवसाय को बढ़ाना चाहता है ताकि आमदनी बढ़े। इस व्यवसाय से सागर अपने परिवार का अच्छी तरह पालन पोषण करके बहुत खुश है।

सक्सेस स्टोरी (खण्डवा)


बृजेन्द्र शर्मा/ राजेश पाण्डेय
मैकेनिक से आटो पार्टस की दुकान का मालिक बना नितिन
खेती के मुनाफे को बढ़ाने में जुटे किसान
हरदा के वनांचल में हैं सुव्यवस्थित हाई स्कूल और आकर्षक भवन
आदिवासी परिवारों के भोजन और आर्थिक उन्नति का आधार है मुनगा वृक्ष
गुरूविन्दर के मेडिकल स्टोर पर मिलने लगी हैं सभी दवायें
किसानों ने खेती को बना लिया लाभकारी व्यवसाय
ग्रामीण आजीविका मिशन से उड़की बना समृद्ध ग्राम
नूरजहाँ और राजबहादुर के कूल्हे का हुआ नि:शुल्क ऑपरेशन
सुदूर अंचल के ग्रामीणों को भी मिली इंटरनेट सुविधा
अब खिलखिलाने लगी है नन्हीं बच्ची भावना
रेज्डबेड पद्धति से 4.5 क्विंटल प्रति बीघा हुआ सोयाबीन उत्पादन
प्रधानमंत्री सड़क ने खोले रोजगार के नये द्वार
प्रधानमंत्री आवास योजना से सरस्वती बाई को मिला पक्का आवास
युवाओं को सफल उद्यमी बना रही मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना
रानी दुर्गावती महिला चिकित्सालय ने लगातार पाया एक्सीलेंस अवार्ड
खेती में नई-नई तकनीक अपना रहे हैं किसान
शौर्या दल ने घरेलू हिंसा के 240 मामले सुलझाये
खजुरिया जलाशय से 700 से अधिक किसानों को फायदा
नौकरी की बजाय स्व-रोजगार पसंद कर रहे युवा वर्ग
सरकारी मदद से घर में गूँजी किलकारी
ग्रामीण महिलाएँ गरीबी और निरक्षरता को हरा कर बनीं लखपति
पाँच रुपये में भरपेट स्वादिष्ट भोजन कराती दीनदयाल रसोई
खेती से आमदनी बढ़ाने के लिये किसान कर रहे हैं नये-नये प्रयोग
युवा बेरोजगारों को मिला स्व-रोजगार
महिला स्व-सहायता समूह कर रहे सड़कों का मेंटेनेंस
महिलाओं ने बनाया कैक्टस फार्म हाउस : लोगों को दिखाया तरक्की का नया रास्ता
डेयरी विकास योजना से रतनसिंह का जीवन हुआ खुशहाल
दीनदयाल रसोई में रोज 400-500 लोग करते हैं भरपेट स्वादिष्ट भोजन
राजूबाई के हर्बल साबुन की मुम्बई तक धूम
गुना की एन.आई.सी.यू. में 29 हजार नवजात शिशुओं को मिला नवजीवन
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 ...