social media accounts







सक्सेस स्टोरीज

पॉली हाउस में कोलकता के मीठे पान की बेमिसाल खेती

भोपाल : गुरूवार, दिसम्बर 28, 2017, 14:28 IST

हरदा जिले के टिमरनी विकास खंड के गांव छिरपुरा के बंसत वर्मा अपने पॉली हाउस में पान की बेमिसाल पैदावर से बहुत खुश हैं। उन्हें पंरपरागत खेती से अलग हटकर किया गया यह प्रयोग अच्छा मुनाफा दे रहा है।

खेती में नए प्रयोग और अच्छा मुनाफा कमाने बंसत ने उद्यानिकी विभाग की योजना के अन्तर्गत पॉली हाउस बनाकर पान की खेती की शुरूआत की। इस खेती में सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण बात यह है कि एक बार पान की बेल लगाने के बाद सालों तक इससे पत्ते ले सकते हैं। बार-बार बीज (बेल) लगाने की आवश्यकता नहीं होती। पंरपरागत खेती से हटकर यह प्रयोग हरदा जिले में पहली बार हुआ है कि जब किसी किसान ने पॉली हाउस बनाकर पान की खेती शुरू की है।

बंसत वर्मा ने 9.37 लाख रुपये से अपना पाली हाउस बनवाया और वहाँ कोलकता की सुप्रसिद्ध सोफिया पान की प्रजाति को पहली बार लगाया। यह संरक्षित खेती है। पॉली हाउस बनाने से पान की फसल तेज गर्मी, पाले और बरसात की वहज से नष्ट नहीं होती। एक बार रोपाई करने के बाद 20 साल तक रोपाई की जरूरत नहीं पड़ती। बसंत वर्मा ने एक हजार वर्ग मीटर के पॉली हाउस में कोलकाता से पान की 10 हजार बीज (बेल) लाकर लगाई। इससे एक साल में चार लाख पान के पत्तों का उत्पादन हुआ। बंसत ने पूर्ण जैविक विधि से पान के पत्ते पैदा किये। इसमें जीवामृत और सरसों की खली, दूध, मठा, नीम तेल का उपयोग किया। इससे लागत में भी भारी कमी आई। सिंचाई के लिए ड्रिप एण्ड फागर लगवाए। इस पान का पत्ता एक रूपये से दो रूपए तक मूल्य में भोपाल, इंदौर, इटारसी, और खण्डवा में बिकता है।

बंसत वर्मा की सफलता से प्रभावित होकर इंदौर और भोपाल में भी किसानों ने चार एकड़ के पॉली हाउस बनवाकर इस पान की प्रजति की पैदावर लेना शुरू कर दिया है।

सफलता की कहानी (हरदा)


बिन्दु सुनील
मैकेनिक से आटो पार्टस की दुकान का मालिक बना नितिन
खेती के मुनाफे को बढ़ाने में जुटे किसान
हरदा के वनांचल में हैं सुव्यवस्थित हाई स्कूल और आकर्षक भवन
आदिवासी परिवारों के भोजन और आर्थिक उन्नति का आधार है मुनगा वृक्ष
गुरूविन्दर के मेडिकल स्टोर पर मिलने लगी हैं सभी दवायें
किसानों ने खेती को बना लिया लाभकारी व्यवसाय
ग्रामीण आजीविका मिशन से उड़की बना समृद्ध ग्राम
नूरजहाँ और राजबहादुर के कूल्हे का हुआ नि:शुल्क ऑपरेशन
सुदूर अंचल के ग्रामीणों को भी मिली इंटरनेट सुविधा
अब खिलखिलाने लगी है नन्हीं बच्ची भावना
रेज्डबेड पद्धति से 4.5 क्विंटल प्रति बीघा हुआ सोयाबीन उत्पादन
प्रधानमंत्री सड़क ने खोले रोजगार के नये द्वार
प्रधानमंत्री आवास योजना से सरस्वती बाई को मिला पक्का आवास
युवाओं को सफल उद्यमी बना रही मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना
रानी दुर्गावती महिला चिकित्सालय ने लगातार पाया एक्सीलेंस अवार्ड
खेती में नई-नई तकनीक अपना रहे हैं किसान
शौर्या दल ने घरेलू हिंसा के 240 मामले सुलझाये
खजुरिया जलाशय से 700 से अधिक किसानों को फायदा
नौकरी की बजाय स्व-रोजगार पसंद कर रहे युवा वर्ग
सरकारी मदद से घर में गूँजी किलकारी
ग्रामीण महिलाएँ गरीबी और निरक्षरता को हरा कर बनीं लखपति
पाँच रुपये में भरपेट स्वादिष्ट भोजन कराती दीनदयाल रसोई
खेती से आमदनी बढ़ाने के लिये किसान कर रहे हैं नये-नये प्रयोग
युवा बेरोजगारों को मिला स्व-रोजगार
महिला स्व-सहायता समूह कर रहे सड़कों का मेंटेनेंस
महिलाओं ने बनाया कैक्टस फार्म हाउस : लोगों को दिखाया तरक्की का नया रास्ता
डेयरी विकास योजना से रतनसिंह का जीवन हुआ खुशहाल
दीनदयाल रसोई में रोज 400-500 लोग करते हैं भरपेट स्वादिष्ट भोजन
राजूबाई के हर्बल साबुन की मुम्बई तक धूम
गुना की एन.आई.सी.यू. में 29 हजार नवजात शिशुओं को मिला नवजीवन
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 ...