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सक्सेस स्टोरीज

आजीविका मिशन से ग्रामीण महिलायें हुईं आत्म-निर्भर

भोपाल : मंगलवार, दिसम्बर 26, 2017, 14:07 IST
 

बड़वानी जिले की ग्राम पंचायत पीपरी में श्री गणेश महिला आजीविका सिलाई केन्द्र की शुरूआत 10 ग्रामीण महिलाओं ने की थी। आज समूह में 75 से ज्यादा महिलाओं का परिवार बन गया है। समूह के गारमेंट सहित अन्य कार्यों में 200 से अधिक महिलाएं कार्य कर रही हैं। समूह में 1600 से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

श्री गणेश महिला आजीविका सिलाई केन्द्र की महिला सदस्यों के लिये शुरू के तीन साल संघर्ष के रहे। इस दौरान छोटे-मोटे आर्डर लेकर काम किया। इंदौर से कपड़ा लाकर उसे सिल कर स्थानीय बाजार में बेचने का काम किया। फिर समूह को आईनोक्स कंपनी के कर्मियों के लिए यूनिफार्म बनाने का काम मिला। गत वर्ष स्वच्छता अभियान के लिए 50 हजार टी-शर्ट बनाने का और अब एक लाख टी-शर्ट बनाने का शासकीय आर्डर मिला है।

समूह की कविता पाटिल, गायत्री मस्के, रेणुका देशमुख, सीमा वर्मा, साबिया खान आदि को अब काम के हिसाब से 15 हजार से 30 हजार रूपए प्रति माह तक आय हो रही है। आय बढ़ जाने के बाद गत दिनों समूह की महिलाओं ने अपना बीपीएल कार्ड भी तहसीलदार को वापस कर दिया है।

इस महिला स्व-सहायता समूह के पास अब काम की कमी नहीं है। समूह द्वारा गारमेंट यूनिट संचालित की जा रही है। साथ ही पापड़, चिक्की, सेवाईयां, आलू चिप्स, अगरबत्ती और साबुन निर्माण का कार्य भी किया जाता है। अब ये ग्रामीण महिलायें पूरी तरह आत्म-निर्भर हो गई हैं।

सफलता की कहानी (बड़वानी)


ऋषभ जैन/ सिलावट
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हरदा के वनांचल में हैं सुव्यवस्थित हाई स्कूल और आकर्षक भवन
आदिवासी परिवारों के भोजन और आर्थिक उन्नति का आधार है मुनगा वृक्ष
गुरूविन्दर के मेडिकल स्टोर पर मिलने लगी हैं सभी दवायें
किसानों ने खेती को बना लिया लाभकारी व्यवसाय
ग्रामीण आजीविका मिशन से उड़की बना समृद्ध ग्राम
नूरजहाँ और राजबहादुर के कूल्हे का हुआ नि:शुल्क ऑपरेशन
सुदूर अंचल के ग्रामीणों को भी मिली इंटरनेट सुविधा
अब खिलखिलाने लगी है नन्हीं बच्ची भावना
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प्रधानमंत्री सड़क ने खोले रोजगार के नये द्वार
प्रधानमंत्री आवास योजना से सरस्वती बाई को मिला पक्का आवास
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शौर्या दल ने घरेलू हिंसा के 240 मामले सुलझाये
खजुरिया जलाशय से 700 से अधिक किसानों को फायदा
नौकरी की बजाय स्व-रोजगार पसंद कर रहे युवा वर्ग
सरकारी मदद से घर में गूँजी किलकारी
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पाँच रुपये में भरपेट स्वादिष्ट भोजन कराती दीनदयाल रसोई
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युवा बेरोजगारों को मिला स्व-रोजगार
महिला स्व-सहायता समूह कर रहे सड़कों का मेंटेनेंस
महिलाओं ने बनाया कैक्टस फार्म हाउस : लोगों को दिखाया तरक्की का नया रास्ता
डेयरी विकास योजना से रतनसिंह का जीवन हुआ खुशहाल
दीनदयाल रसोई में रोज 400-500 लोग करते हैं भरपेट स्वादिष्ट भोजन
राजूबाई के हर्बल साबुन की मुम्बई तक धूम
गुना की एन.आई.सी.यू. में 29 हजार नवजात शिशुओं को मिला नवजीवन
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