social media accounts







सक्सेस स्टोरीज

मुख्यमंत्री बाल ह्रदय उपचार योजना से अल्फिया को मिली नि:शुल्क शल्य चिकित्सा

भोपाल : रविवार, दिसम्बर 24, 2017, 15:21 IST

चार साल की अल्फिया के माता-पिता उस वक्त स्तब्ध रह गये जब भोपाल के डॉक्टरों ने बताया कि उसके दिल में छेद है और ऑपरेशन कराना पड़ेगा। अल्फिया के बैतूल निवासी पिता श्री अब्दुल तालिब नेत्रहीन हैं और माँ अज़ीज़ा परवीन गृहणी। अल्फिया अपने माता-पिता के साथ अपने दादा के पास रहती है जो फल बेचकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं।

अल्फिया का जन्म महाराष्ट्र के बरूड़ में सरकारी अस्पताल में हुआ था। अल्फिया जन्म से ही बीमार रहती थी और लगातार रोती थी। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. रश्मि कुमरा को जब दिखाया तो उन्होंने बोला कि बालिका का ऑपरेशन कराना पड़ेगा। भोपाल के अस्पताल में दिखाने पर उन्होंने ऑपरेशन में 2 लाख का खर्च बताया। इतनी बड़ी राशि का बंदोबस्त असंभव लगने के बाद वे वापस आ गये।

इसी बीच आँगनवाड़ी में आरबीएसके शिविर में चिकित्सक ने अल्फिया की जाँच की और मुख्यमंत्री बाल ह्रदय योजना में नि:शुल्क ऑपरेशन की जानकारी दी। अल्फिया के दादा-दादी ऑपरेशन करवाने से बहुत डर रहे थे। इसलिये चिकित्सक द्वारा बार-बार समझाने के बावजूद वे ऑपरेशन करवाने के लिये राजी नहीं हो रहे थे। जब यह जानकारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रदीप मोजेस को मिली तो उन्होंने अल्फिया की माँ को समझाया कि भोपाल के हॉस्पिटल में बच्ची का नि:शुल्क ऑपरेशन होगा और वह बिल्कुल ठीक हो जायेगी।

परवीन ने अपने सास-ससुर को कठिनाई से राजी किया। अंतत: अल्फिया का सफल ऑपरेशन 30 अक्टूबर, 2017 को मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में किया गया। उसे लगातार फॉलोअप के लिये बुलाया जाता है। आज अल्फिया पूर्णत: स्वस्थ है और उसकी मुस्कुराहट से पूरे घर का माहौल बदल गया है।

सफलता की कहानी (बैतूल)


सुनीता दुबे
मैकेनिक से आटो पार्टस की दुकान का मालिक बना नितिन
खेती के मुनाफे को बढ़ाने में जुटे किसान
हरदा के वनांचल में हैं सुव्यवस्थित हाई स्कूल और आकर्षक भवन
आदिवासी परिवारों के भोजन और आर्थिक उन्नति का आधार है मुनगा वृक्ष
गुरूविन्दर के मेडिकल स्टोर पर मिलने लगी हैं सभी दवायें
किसानों ने खेती को बना लिया लाभकारी व्यवसाय
ग्रामीण आजीविका मिशन से उड़की बना समृद्ध ग्राम
नूरजहाँ और राजबहादुर के कूल्हे का हुआ नि:शुल्क ऑपरेशन
सुदूर अंचल के ग्रामीणों को भी मिली इंटरनेट सुविधा
अब खिलखिलाने लगी है नन्हीं बच्ची भावना
रेज्डबेड पद्धति से 4.5 क्विंटल प्रति बीघा हुआ सोयाबीन उत्पादन
प्रधानमंत्री सड़क ने खोले रोजगार के नये द्वार
प्रधानमंत्री आवास योजना से सरस्वती बाई को मिला पक्का आवास
युवाओं को सफल उद्यमी बना रही मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना
रानी दुर्गावती महिला चिकित्सालय ने लगातार पाया एक्सीलेंस अवार्ड
खेती में नई-नई तकनीक अपना रहे हैं किसान
शौर्या दल ने घरेलू हिंसा के 240 मामले सुलझाये
खजुरिया जलाशय से 700 से अधिक किसानों को फायदा
नौकरी की बजाय स्व-रोजगार पसंद कर रहे युवा वर्ग
सरकारी मदद से घर में गूँजी किलकारी
ग्रामीण महिलाएँ गरीबी और निरक्षरता को हरा कर बनीं लखपति
पाँच रुपये में भरपेट स्वादिष्ट भोजन कराती दीनदयाल रसोई
खेती से आमदनी बढ़ाने के लिये किसान कर रहे हैं नये-नये प्रयोग
युवा बेरोजगारों को मिला स्व-रोजगार
महिला स्व-सहायता समूह कर रहे सड़कों का मेंटेनेंस
महिलाओं ने बनाया कैक्टस फार्म हाउस : लोगों को दिखाया तरक्की का नया रास्ता
डेयरी विकास योजना से रतनसिंह का जीवन हुआ खुशहाल
दीनदयाल रसोई में रोज 400-500 लोग करते हैं भरपेट स्वादिष्ट भोजन
राजूबाई के हर्बल साबुन की मुम्बई तक धूम
गुना की एन.आई.सी.यू. में 29 हजार नवजात शिशुओं को मिला नवजीवन
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 ...