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सक्सेस स्टोरीज

मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना से हेमराज को मिला नवजीवन

भोपाल : शनिवार, दिसम्बर 23, 2017, 19:22 IST

खण्डवा जिले के छैगांवमाखन विकासखंड के ग्राम कोलाडिट निवासी श्री धर्मेद्र के घर बड़ी मन्नतों और इंतजार के बाद पुत्र हेमराज का जन्म हुआ। घर में कुछ दिन तो खुशी का माहौल रहा , लेकिन जैसे-जैसे बालक हेमराज बड़ा होता गया, माँ बाप की चिंता बढ़ने लगी, क्योंकि वह और बच्चों की तरह जी भर के खेल नहीं पाता था। थोड़ा सा खेलने के बाद ही हेमराज की सांस फूलने लगती और हाँफने लगता था। उसकी ऐसी हालत देख माता-पिता चिंतित हो उठते थे। गांव के कुछ लोगों ने धर्मेन्द्र को बताया कि इस तरह के लक्षण उन बच्चों में पाये जाते हैं, जिनके दिल में छेद होने या ह्दय का वॉल्व खराब होने की समस्या होती है। यह सुनकर धर्मेन्द्र पर मानो बिजली गिर पड़ी क्योंकि उसकी आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं थी कि वह अपने बच्चे के हृदय रोग का उपचार करा सके।

जब हेमराज 5 वर्ष का हो गया तो एक दिन गांव में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण शिविर हुआ। कोलाडिट ग्राम की आशा कार्यकर्ता सीमा कुशवाह ने धर्मेन्द्र को ब्लॉक की आर.बी.एस.के. टीम से मिलाया। जांच करने पर बच्चे को हृदय संबंधी समस्या का पता चला। हेमराज को आबीएसके के नोडल ऑफिसर डॉ. अनिल तंतवार को भी दिखाया गया। उन्होंने हेमराज का स्वास्थ्य परीक्षण जिला अस्पताल खण्डवा में डॉ. भूषण बांडे से करवाया जिसमें उसे हृदय रोग की पुष्टि हुई और इंदौर रेफर किया गया।

इन्दौर के ग्रेटर कैलाश अस्पताल व्दारा हेमराज की निःशुल्क जांचे की गई तथा उसके इलाज पर 75,000 रू. संभावित खर्च बताया गया। समस्त कागजी कार्यवाही पूर्ण कर हेमराज के ऑपरेशन के लिए ''मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना'' में आवेदन करवाया गया और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रतन खंडेलवाल ने उसके लिए 75 हजार की राशि स्वीकृत की। स्वीकृति के बाद हेमराज का सफल ऑपरेशन इन्दौर के ग्रेटर कैलाश अस्पताल में निःशुल्क हुआ।

अब हेमराज पूर्ण रूप से स्वस्थ है। उसे खेलने-कूदने में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होती और न ही थकान और हॉफनी आती है।

सफलता की कहानी (खण्डवा)


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