सक्सेस स्टोरीज

स्व-सहायता समूह से आत्म-निर्भर बनी रेखा चौहान

भोपाल : शनिवार, दिसम्बर 23, 2017, 19:13 IST

आगर-मालवा जिले के ग्राम कचनारिया की रेखा चौहान की तरक्की में स्व-सहायता समूह के माध्यम से आजीविका मिशन ने हर कदम पर साथ दिया है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण रेखा को अपने परिवार का पालन-पोषण करने में बहुत कठिनाई होती थी। वर्ष 2010 में श्रीकृष्ण स्व-सहायता समूह की सदस्यता बनी रेखा और अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार लाने की मन में ठानी।

रेखा ने श्रीकृष्ण स्व-सहायता समूह से प्रारंभ में 10 हजार रुपये का ऋण लिया और खेती में लगाया। इसके पश्चात 5 स्व-सहायता समूहों के लिए बुक कीपर का काम करना शुरू किया। साथ ही, चार ग्राम संगठनों का लेखजोखा का काम भी करने लगी। इससे रेखा को 10 हजार रुपये प्रतिमाह की आमदनी होने लगी। पुन: समूह से ऋण प्राप्त कर रेखा ने मोटर-पम्प लगवाया है, सिंचाई के लिये पानी की लाइन डलवाई है और कुआं गहरा करवाया है।

अब रेखा चौहान खेती के साथ-साथ स्व-सहायता समूह से प्रशिक्षण प्राप्त कर फिनाईल एवं सर्फ बनाने का कारोबार भी कर रही है। रेखा ने कर्मठ ओर लगनशील गृहणी की मिसाल पेश की है। आज 18 हजार रुपये से अधिक प्रति माह मासिक आय प्राप्त कर रही है और अपने परिवार का सम्मानपूर्वक पालन-पोषण कर रही है। अब रेखा चौहान केंचुआ खाद तैयार कर बेचने का काम भी करती है। इस खाद का खुद भी अपने खेत में उपयोग कर रही है।

सफलता की कहानी (आगर-मालवा)


प्रदीप वाजपेयी
उद्यानिकी फसलों से राजकुमार की आय में 5 गुना वृद्धि
ग्रामीण आजीविका मिशन से तारा का परिवार बना आत्म-निर्भर
आजीविका मिशन से जुड़कर सफल कपड़ा व्यवसायी बनी अंजू धुर्वे
अब रंजना बेटी का दिल भी सामान्य बच्चों की तरह धड़कता है
होशंगाबाद के ग्राम मोरपानी की आदिवासी महिलाएँ हुईं आत्म-निर्भर
मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना से विवेक बना सफल व्यवसायी
ड्रिप सिंचाई से बंजर जमीन बनी उपजाऊ
स्वास्थ्य, स्वच्छता और आजीविका की बेहतरीन पहल बनी "मुस्कान " इकाई
उज्जवला योजना से शांति बाई को मिली धुएं से मुक्ति
जैविक खेती से प्रहलाद को मिला उत्कृष्ट कृषक पुरस्कार
आदिवासी कृषक दम्पत्ति को मिली ट्रैक्टर-ट्राली
उद्यानिकी एवं अंतरवर्ती फसलों से कृषक अजीत की आमदनी हुई दोगुनी
युवा उद्यमी योजना से सफल व्यवसायी बनी किरण
कियॉस्क एवं आधार सेवा सेंटर के मालिक बने दीपेश आचार्य
नि:शक्तजन विवाह प्रोत्साहन राशि से शुरू किया व्यवसाय
मत्स्य महिला कृषकों ने आत्म-निर्भरता से बनाई पहचान
उज्जवला योजना बनी गरीब महिलाओं की उजली मुस्कान
सोहागपुर में धर्मदास की है रंगीन फोटोकापी की दुकान
कृषक रामऔतार ने खेती को बनाया सर्वाधिक लाभ का व्यवसाय
किसान कल्याण का सशक्त माध्यम बनी भावांतर भुगतान योजना
झाबुआ के दल सिंह प्रगतिशील किसानों की श्रेणी में शामिल
राजपथ पर हरदा की जॉबाज दिव्या करेगी स्टंट
उज्जवला योजना से सकरी हटीला को मिली धुँए से मुक्ति
अब प्रिया स्वस्थ है और परिवार प्रफुल्लित
गुड्डी बाई अब नहीं रही बेसहारा, मिला आवास और गैस कनेक्शन
टिकरिया बनेगा लाख उत्पादक गांव
परम्परागत खेती के साथ उद्यानिकी फसल से मिला 10 लाख सालाना लाभ
पांच युवा बेरोजगारों को मिला स्व-रोजगार
आटो पार्टस कारखाने के मालिक बने शिवसागर बौरासी
निलेश ने ग्राम जामगोद में शुरू की ग्रामीण गैस एजेन्सी
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 ...