social media accounts







सक्सेस स्टोरीज

कौशल्या ने पिता को किया कर्जमुक्त

भोपाल : गुरूवार, दिसम्बर 21, 2017, 12:41 IST

 

सागर जिले के केसली ब्लॉक के ग्राम जेतपुर डोमा निवासी थम्मन सिंह को अपनी बेटी पर नाज़ है। उनका कहना है कि उनकी बेटी कौशल्या आज ना सिर्फ बेटों जैसा कमाकर अपने पिता के कंधे से कंधा मिलाकर घर चलाने में मदद कर रही हैं, बल्कि उसकी मेहनत ने मुझे कर्ज से मुक्त कर दिया है।

कौशल्या ने 10वीं तक शिक्षा प्राप्त की है। उसने दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल विकास योजना के अंतर्गत हॉस्पेटिलिटी ट्रेड में तीन माह का प्रशिक्षण लिया। इस आवासी प्रशिक्षण में उसे कस्टमर-डीलिंग, हाउस-कीपिंग, रिसेप्शन, औपचारिक अंग्रेजी बोलचाल,, काउंसिलिंग, कम्प्यूटर परिचालन विषयों पर प्रेक्टिकल एवं थ्योरी ज्ञान दिया गया। ये प्रशिक्षण विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से आजीविका मिशन आयोजित करता है। प्रशिक्षण के बाद कौशल्या को अहमदाबाद (गुजरात) की कम्पनी में नौकरी मिली। इस कम्पनी में उसे कार्य के दौरान चाय-नाश्ता, भोजन एवं कम्पनी द्वारा ही संचालित हॉस्टल में आवास एवं रात्रि भोजन की सुविधा उपलब्ध होती थी। कौशल्या के पिता थम्मन सिंह ने अपने पारिवारिक विवाद के निपटान के लिये व्यापारी से ब्याज पर कर्ज उठाया था, जिसको चुकाना उन्हें भारी पड़ रहा था।

बेटी अपने पिता के दर्द से भली-भाँति परिचित थी। उसने फरवरी, 2017 में अपनी पहली तनख्वाह में से पाँच हजार रुपये पिता को भेजे। माह फरवरी के वेतन में उसके सामने दो विकल्प थे या तो वो होली मनाने अपने घर जाये, लेकिन आने-जाने, कपड़ा, मिठाई में 2 से 3 हजार रुपये खर्च होने की आशंका थी। दूसरा था वेतन से 5 हजार और होली में ओवर टाइम ड्यूटी करके कमाये अतिरिक्त दो हजार कुल मिलाकर 7 हजार रुपये पिता को भेजे और उन्हें साहूकार के चंगुल से मुक्त करे।

बेटी ने दूसरे विकल्प को चुनते हुए अपने पिता को कर्जमुक्त कर दिया। थम्मन सिंह का कहना है कि मेरे दो बेटे, तीन बेटियाँ हैं। कौशल्या इन सब में सबसे छोटी है जो छोटी ने कर दिखाया, बड़े नहीं कर पाये। डबडबाती आँखों से उन्होंने कहा कि मेरी बेटी बेटों से कम नहीं है।

सफलता की कहानी (सागर)


बिन्दु सुनील
मैकेनिक से आटो पार्टस की दुकान का मालिक बना नितिन
खेती के मुनाफे को बढ़ाने में जुटे किसान
हरदा के वनांचल में हैं सुव्यवस्थित हाई स्कूल और आकर्षक भवन
आदिवासी परिवारों के भोजन और आर्थिक उन्नति का आधार है मुनगा वृक्ष
गुरूविन्दर के मेडिकल स्टोर पर मिलने लगी हैं सभी दवायें
किसानों ने खेती को बना लिया लाभकारी व्यवसाय
ग्रामीण आजीविका मिशन से उड़की बना समृद्ध ग्राम
नूरजहाँ और राजबहादुर के कूल्हे का हुआ नि:शुल्क ऑपरेशन
सुदूर अंचल के ग्रामीणों को भी मिली इंटरनेट सुविधा
अब खिलखिलाने लगी है नन्हीं बच्ची भावना
रेज्डबेड पद्धति से 4.5 क्विंटल प्रति बीघा हुआ सोयाबीन उत्पादन
प्रधानमंत्री सड़क ने खोले रोजगार के नये द्वार
प्रधानमंत्री आवास योजना से सरस्वती बाई को मिला पक्का आवास
युवाओं को सफल उद्यमी बना रही मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना
रानी दुर्गावती महिला चिकित्सालय ने लगातार पाया एक्सीलेंस अवार्ड
खेती में नई-नई तकनीक अपना रहे हैं किसान
शौर्या दल ने घरेलू हिंसा के 240 मामले सुलझाये
खजुरिया जलाशय से 700 से अधिक किसानों को फायदा
नौकरी की बजाय स्व-रोजगार पसंद कर रहे युवा वर्ग
सरकारी मदद से घर में गूँजी किलकारी
ग्रामीण महिलाएँ गरीबी और निरक्षरता को हरा कर बनीं लखपति
पाँच रुपये में भरपेट स्वादिष्ट भोजन कराती दीनदयाल रसोई
खेती से आमदनी बढ़ाने के लिये किसान कर रहे हैं नये-नये प्रयोग
युवा बेरोजगारों को मिला स्व-रोजगार
महिला स्व-सहायता समूह कर रहे सड़कों का मेंटेनेंस
महिलाओं ने बनाया कैक्टस फार्म हाउस : लोगों को दिखाया तरक्की का नया रास्ता
डेयरी विकास योजना से रतनसिंह का जीवन हुआ खुशहाल
दीनदयाल रसोई में रोज 400-500 लोग करते हैं भरपेट स्वादिष्ट भोजन
राजूबाई के हर्बल साबुन की मुम्बई तक धूम
गुना की एन.आई.सी.यू. में 29 हजार नवजात शिशुओं को मिला नवजीवन
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 ...