social media accounts







सक्सेस स्टोरीज

भावांतर राशि मिलते ही खेती छोड़ने का इरादा बदला

भोपाल : बुधवार, दिसम्बर 20, 2017, 13:43 IST

 

पन्ना जिले के ग्राम मुराछ के किसान सूरज सिंह के पास 9 हेक्टेयर सिंचित रकबा है। इस रकबे में वे खरीफ सीजन में मूंग और उड़द की खेती करते हैं। फसलों में पीला रोग एवं विभिन्न तरह की कीट-व्याधि के कारण इन्हें कृषि उत्पादन कम ही मिलता रहा है। खेती में अक्सर घाटा होने से उनका मन खेती से खिन्न होने लगा था।

सूरज सिंह ने खरीफ-2017 में उड़द की फसल बोई। करीब 36 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ। सूरज ने मध्यप्रदेश सरकार की भावांतर भुगतान योजना में अपना पंजीयन करवाया। सूरज सिंह ने कृषि उपज मण्डी नागौद जिला सतना में 33 क्विंटल 36 किलो उड़द 2335 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर बेची। इससे उन्हें 78 हजार 456 रुपये की राशि प्राप्त हुई।

इस राशि से फसल की लागत तो निकल आई लेकिन घर खर्च के लिये राशि नहीं बचने से सूरज सिंह चिंतित हो गये। अचानक उनके मोबाइल पर किसान कल्याण विभाग के कर्मचारी ने सूचना दी कि उनके खाते में भावांतर भुगतान योजना में 80 हजार 640 रुपये की राशि जमा करवा दी गई है। उन्हें फोन पर विश्वास ही नहीं हुआ। जब उन्होंने बैंक जाकर जानकारी ली तो उन्हें पता लगा कि वाकई में अंतर की राशि जमा हो गई है। इसे भावांतर राशि है जो राज्य सरकार ने उन्हें दी है।

किसान सूरज सिंह अब अन्य किसानों को भी बताते हैं कि भावांतर भुगतान योजना किसानों के लिये लाभकारी है। अब इनकी समझाईश पर आस-पास के अन्य किसानों ने भी भावांतर योजना से जुड़ने का मन बना लिया है।

 सफलता की कहानी (पन्ना)


मुकेश मोदी
मैकेनिक से आटो पार्टस की दुकान का मालिक बना नितिन
खेती के मुनाफे को बढ़ाने में जुटे किसान
हरदा के वनांचल में हैं सुव्यवस्थित हाई स्कूल और आकर्षक भवन
आदिवासी परिवारों के भोजन और आर्थिक उन्नति का आधार है मुनगा वृक्ष
गुरूविन्दर के मेडिकल स्टोर पर मिलने लगी हैं सभी दवायें
किसानों ने खेती को बना लिया लाभकारी व्यवसाय
ग्रामीण आजीविका मिशन से उड़की बना समृद्ध ग्राम
नूरजहाँ और राजबहादुर के कूल्हे का हुआ नि:शुल्क ऑपरेशन
सुदूर अंचल के ग्रामीणों को भी मिली इंटरनेट सुविधा
अब खिलखिलाने लगी है नन्हीं बच्ची भावना
रेज्डबेड पद्धति से 4.5 क्विंटल प्रति बीघा हुआ सोयाबीन उत्पादन
प्रधानमंत्री सड़क ने खोले रोजगार के नये द्वार
प्रधानमंत्री आवास योजना से सरस्वती बाई को मिला पक्का आवास
युवाओं को सफल उद्यमी बना रही मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना
रानी दुर्गावती महिला चिकित्सालय ने लगातार पाया एक्सीलेंस अवार्ड
खेती में नई-नई तकनीक अपना रहे हैं किसान
शौर्या दल ने घरेलू हिंसा के 240 मामले सुलझाये
खजुरिया जलाशय से 700 से अधिक किसानों को फायदा
नौकरी की बजाय स्व-रोजगार पसंद कर रहे युवा वर्ग
सरकारी मदद से घर में गूँजी किलकारी
ग्रामीण महिलाएँ गरीबी और निरक्षरता को हरा कर बनीं लखपति
पाँच रुपये में भरपेट स्वादिष्ट भोजन कराती दीनदयाल रसोई
खेती से आमदनी बढ़ाने के लिये किसान कर रहे हैं नये-नये प्रयोग
युवा बेरोजगारों को मिला स्व-रोजगार
महिला स्व-सहायता समूह कर रहे सड़कों का मेंटेनेंस
महिलाओं ने बनाया कैक्टस फार्म हाउस : लोगों को दिखाया तरक्की का नया रास्ता
डेयरी विकास योजना से रतनसिंह का जीवन हुआ खुशहाल
दीनदयाल रसोई में रोज 400-500 लोग करते हैं भरपेट स्वादिष्ट भोजन
राजूबाई के हर्बल साबुन की मुम्बई तक धूम
गुना की एन.आई.सी.यू. में 29 हजार नवजात शिशुओं को मिला नवजीवन
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 ...