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सक्सेस स्टोरीज

गोपाल की बैण्ड पार्टी में 30 लोगों को मिला रोजगार

भोपाल : मंगलवार, दिसम्बर 19, 2017, 18:34 IST

 

गोपाल बहुत पढ़ा-लिखा नहीं है, मगर मेहनतकश और हुनरमंद है। खरगोन नगर के मोतीपुरा के 8वीं पास गोपाल जब 15 वर्ष का था तब से शादी और मांगलिक कार्यों में 20 रूपए की मजदूरी पर ढोल और ताशे बजाया करता था। कभी-कभी तो वो 10 रूपए के किराए पर ढोल लेकर शादियों में खुशियां बांटता था। समय के साथ उसके परिवार और गोपाल की जरूरतें बढ़ने लगीं। इस बात को लेकर परेशान रहने वाले गोपाल के जीवन में खुशी की खबर उस समय आई, जब उसे मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना के बारे में पता चला। गोपाल ने तुरंत आवेदन कर दिया।

वर्ष 2014 से गोपाल के जीवन में अच्छे दिनों की शुरूआत हुई। इसी वर्ष योजनांतर्गत बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने एक लाख रूपए का ऋण स्वीकृत किया। इस पर विभाग की ओर से 30 हजार रूपए का अनुदान मिला। एक लाख रूपए लेकर गोपाल ने बैंड पार्टी बनाई। इसके लिए सेक्सोफोन, अफोनियम, आर्गन, ताशा, तंबू, ड्रेस कोड, रथ-बग्गी तैयार कर ली। गोपाल पूरे उत्साह के साथ शादी, पार्टी और मांगलिक कार्यों के आर्डर लेने लगा है। आज गोपाल के साथ 30 और साथी है, जो खरगोन नगर के अलावा आसपास के कई कस्बों में मांगलिक कार्यों में खुशियां बांटने का काम करते हैं। बैंक से स्वीकृत ऋण भी चुका दिया है।

गोपाल की आर्थिक स्थिति अब अच्छी हो गई है। आज वह अपने सार्थियों को प्रति माह 6 से 8 हजार रूपए तक का मेहनताना देता है। सबसे बड़ी खुशी की बात यह है कि गोपाल करीब-करीब 20 परिवारों को रोजगार दे पा रहा है। गोपाल के पुत्र-पुत्री निजी स्कूल में इंग्लिश मीडियम में शिक्षा ले रहे हैं और गोपाल का समाज में अच्छा सम्मान है। गोपाल के सही में अच्छे दिन आए है।

सफलता की कहानी (खरगोन)


बिन्दु सुनील
मैकेनिक से आटो पार्टस की दुकान का मालिक बना नितिन
खेती के मुनाफे को बढ़ाने में जुटे किसान
हरदा के वनांचल में हैं सुव्यवस्थित हाई स्कूल और आकर्षक भवन
आदिवासी परिवारों के भोजन और आर्थिक उन्नति का आधार है मुनगा वृक्ष
गुरूविन्दर के मेडिकल स्टोर पर मिलने लगी हैं सभी दवायें
किसानों ने खेती को बना लिया लाभकारी व्यवसाय
ग्रामीण आजीविका मिशन से उड़की बना समृद्ध ग्राम
नूरजहाँ और राजबहादुर के कूल्हे का हुआ नि:शुल्क ऑपरेशन
सुदूर अंचल के ग्रामीणों को भी मिली इंटरनेट सुविधा
अब खिलखिलाने लगी है नन्हीं बच्ची भावना
रेज्डबेड पद्धति से 4.5 क्विंटल प्रति बीघा हुआ सोयाबीन उत्पादन
प्रधानमंत्री सड़क ने खोले रोजगार के नये द्वार
प्रधानमंत्री आवास योजना से सरस्वती बाई को मिला पक्का आवास
युवाओं को सफल उद्यमी बना रही मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना
रानी दुर्गावती महिला चिकित्सालय ने लगातार पाया एक्सीलेंस अवार्ड
खेती में नई-नई तकनीक अपना रहे हैं किसान
शौर्या दल ने घरेलू हिंसा के 240 मामले सुलझाये
खजुरिया जलाशय से 700 से अधिक किसानों को फायदा
नौकरी की बजाय स्व-रोजगार पसंद कर रहे युवा वर्ग
सरकारी मदद से घर में गूँजी किलकारी
ग्रामीण महिलाएँ गरीबी और निरक्षरता को हरा कर बनीं लखपति
पाँच रुपये में भरपेट स्वादिष्ट भोजन कराती दीनदयाल रसोई
खेती से आमदनी बढ़ाने के लिये किसान कर रहे हैं नये-नये प्रयोग
युवा बेरोजगारों को मिला स्व-रोजगार
महिला स्व-सहायता समूह कर रहे सड़कों का मेंटेनेंस
महिलाओं ने बनाया कैक्टस फार्म हाउस : लोगों को दिखाया तरक्की का नया रास्ता
डेयरी विकास योजना से रतनसिंह का जीवन हुआ खुशहाल
दीनदयाल रसोई में रोज 400-500 लोग करते हैं भरपेट स्वादिष्ट भोजन
राजूबाई के हर्बल साबुन की मुम्बई तक धूम
गुना की एन.आई.सी.यू. में 29 हजार नवजात शिशुओं को मिला नवजीवन
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