सक्सेस स्टोरीज

कृषि की आधुनिक तकनीक अपना रही आदिवासी महिला कृषक

भोपाल : मंगलवार, दिसम्बर 19, 2017, 14:26 IST

 

मध्यप्रदेश में खेती को लाभ का धंधा बनाये जाने के लिये राज्य सरकार ने परम्परागत फसलों के साथ-साथ किसानों को उद्यानिकी फसलें लेने की समझाइश दी है। शहडोल जिला मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूर ग्राम विचारपुर की आदिवासी महिला किसान चिन्ताबाई ने आधुनिक खेती की तकनीक को अपना कर लाभ अर्जित किया है।

आदिवासी महिला कृषक चिन्ताबाई पूर्व में जमीन ठेके पर लेकर सब्जी की पैदावार करती थीं और उसे बेचकर लाभ अर्जित करती थीं। इसके बाद उन्होंने 4 एकड़ जमीन ग्राम विचारपुर में खरीदी और ट्यूबवेल लगाने के लिये 50 हजार रुपये की राशि योजना में प्राप्त की। महिला किसान की सब्जी उत्पादन बढ़ाने की इच्छा को देखते हुए कृषि और उद्यानिकी विभाग ने उन्हें सब्जी उत्पादन का प्रशिक्षण दिया। चिन्ताबाई को आधुनिक शंकर बीजों को अपनाने की समझाइश दी गई। उन्हें यह भी बताया गया कि कम पानी में पकने वाली फसल किस तरह से ली जा सकती है।

आदिवासी महिला किसान ने आधुनिक उत्पादन की तकनीक को सीखा और अपने 4 एकड़ के खेत में फूलगोभी, पत्तागोभी, आलू, प्याज, लहसुन, करेला समेत अन्य सब्जियाँ लगाईं। आधुनिक तकनीक अपनाने से फसल की पैदावार में अच्छा-खासा इजाफा हुआ। आज वे खेत में हुई सब्जी की पैदावार को बेचकर भरपूर आमदनी प्राप्त कर रही हैं। अब बच्चों की शिक्षा पर भी राशि खर्च कर रही हैं। अपने खेत के पास पक्का मकान भी बनवा लिया है। चिन्ताबाई अब आसपास की महिलाओं के लिये मिसाल बन गई हैं।

सफलता की कहानी (शहडोल)


मुकेश मोदी
उद्यानिकी फसलों से राजकुमार की आय में 5 गुना वृद्धि
ग्रामीण आजीविका मिशन से तारा का परिवार बना आत्म-निर्भर
आजीविका मिशन से जुड़कर सफल कपड़ा व्यवसायी बनी अंजू धुर्वे
अब रंजना बेटी का दिल भी सामान्य बच्चों की तरह धड़कता है
होशंगाबाद के ग्राम मोरपानी की आदिवासी महिलाएँ हुईं आत्म-निर्भर
मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना से विवेक बना सफल व्यवसायी
ड्रिप सिंचाई से बंजर जमीन बनी उपजाऊ
स्वास्थ्य, स्वच्छता और आजीविका की बेहतरीन पहल बनी "मुस्कान " इकाई
उज्जवला योजना से शांति बाई को मिली धुएं से मुक्ति
जैविक खेती से प्रहलाद को मिला उत्कृष्ट कृषक पुरस्कार
आदिवासी कृषक दम्पत्ति को मिली ट्रैक्टर-ट्राली
उद्यानिकी एवं अंतरवर्ती फसलों से कृषक अजीत की आमदनी हुई दोगुनी
युवा उद्यमी योजना से सफल व्यवसायी बनी किरण
कियॉस्क एवं आधार सेवा सेंटर के मालिक बने दीपेश आचार्य
नि:शक्तजन विवाह प्रोत्साहन राशि से शुरू किया व्यवसाय
मत्स्य महिला कृषकों ने आत्म-निर्भरता से बनाई पहचान
उज्जवला योजना बनी गरीब महिलाओं की उजली मुस्कान
सोहागपुर में धर्मदास की है रंगीन फोटोकापी की दुकान
कृषक रामऔतार ने खेती को बनाया सर्वाधिक लाभ का व्यवसाय
किसान कल्याण का सशक्त माध्यम बनी भावांतर भुगतान योजना
झाबुआ के दल सिंह प्रगतिशील किसानों की श्रेणी में शामिल
राजपथ पर हरदा की जॉबाज दिव्या करेगी स्टंट
उज्जवला योजना से सकरी हटीला को मिली धुँए से मुक्ति
अब प्रिया स्वस्थ है और परिवार प्रफुल्लित
गुड्डी बाई अब नहीं रही बेसहारा, मिला आवास और गैस कनेक्शन
टिकरिया बनेगा लाख उत्पादक गांव
परम्परागत खेती के साथ उद्यानिकी फसल से मिला 10 लाख सालाना लाभ
पांच युवा बेरोजगारों को मिला स्व-रोजगार
आटो पार्टस कारखाने के मालिक बने शिवसागर बौरासी
निलेश ने ग्राम जामगोद में शुरू की ग्रामीण गैस एजेन्सी
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 ...